10 महीने में 15 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी...

22 दिन में पेट्रोल-डीजल करीब 2 रुपये महंगा : यदुनाथ सिंह तोमर 

ग्वालियर।कोरोना महामारी और लॉकडाउन के संकट से देश तो उभर रहा है, लेकिन जनता अभी भी महंगाई की मार से त्रस्त है। कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।जनवरी माह के 22 दिन में ही पैट्रोल और डीजल के दाम 8 बार बढ़े हैं। पिछले 22 दिन में इसके दाम में करीब-करीब 2 रुपये की बढोतरी हो चुकी है।देखा जाए तो बीते 10 महीने में ही इसके दाम में 15 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।यदि यही रफ्तार रही तो कल्पना की जा सकती है कि साल भर में 365 दिन में कितनी बार दाम बढ़ेंगे ?और अब वह दिन दूर नहीं जब पेट्रोल-डीजल 100 रु. प्रति लीटर को पार कर जाएगा। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर ने एक बयान में  कहा है कि जब दुनिया भर में तेल की कीमतें दो साल पहले की तुलना में बहुत नीचे हैं, तब भी भारत में तेल की कीमतों में लगातार वृध्दि तेल कंपनियों और दो विशेष कारपोरेट घरानों को मुनाफे पहुंचाने के लिए हो रही है। जाहिर है कि मोदी सरकार के लिए जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट घरानों के मुनाफे सुनिश्चित करना ज्यादा जरूरी है। इसी से साफ हो जाता है कि यह सरकार जनता की नहीं बल्कि कारपोरेट की सरकार है। प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के समय डीजल और पैट्रोल पर क्रमश: 13 व 10 रुपये प्रति लीटर एक्साईज ड्यूटी लगाई थी। तब सरकार ने झूठ बोल कर कहा था कि इसका असर आम जनता पर नहीं होगा, मगर लगातार तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई से साफ है कि सारा बोझ मेहनतकश जनता और मध्यम वर्ग पर ही डाला जा रहा है।

प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर ने  कहा है कि दिसंबर 19 में जब कच्चे तेल की कीमत 4745 रुपए प्रति बैरल थी, तब पैट्रोल 72 रुपये लीटर था और मई 20 में जब कच्चे तेल की कीमत गिरकर 1539 रुपये प्रति बैरल हो गई थी तब पैट्रोल 75 रुपये लीटर हो गया था। और अब तो पैट्रोल 93.14 रुपये लीटर और डीजल 83.41रुपए लीटर हो गया है ।कांग्रेस  पार्टी ने मांग की है कि जनता को लूटने वाली नीतियों से भाजपा को बाज आना चाहिए। कांग्रेस ने इस लूट के  खिलाफ जनता से भी प्रतिरोध में खड़ा होने की अपील की है।