मप्र उपचुनाव 2020…!

प्रचार थमा, लेकिन अंतिम दिन भी जमकर चले व्यंग्यबाण

मप्र में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव का प्रचार रविवार को शाम 6 बजे थम गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रविवार को भी भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। चुनाव प्रचार थमने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा और खासतौर पर शिवराज पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लोग आते-जाते रहे हैं। कोई न कोई कारण रहा, लेकिन इस तरह की गद्दारी और बिकाऊ पहली बार देखी है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि रोज आईना में अपना चेहरा कैसे देख लेते हो।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वालियर में पत्रकारवार्ता में कहा कि कांग्रेस में लोग आते-जाते रहे हैं। कोई न कोई कारण रहा, लेकिन इस तरह की गद्दारी और बिकाऊ पहली बार देखी है। मुझे जनता पर पूरा विश्वास है। वह इसका जवाब 3 नवंबर को देगी। नाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने शिलान्यास और नारियल फोड़ा। मौका मिला है, जनता को मूर्ख बनाने का। हमारी 15 महीने की सरकार रही। ढाई महीने लोकसभा चुनाव में गए। फिर तीन महीने सौदेबाजी में रहे। मैं मुख्यमंत्री था। मुझे तीन पहले से पता था कि सौदेबाजी चल रही है। मैंने कौन सी गलती की। यही ना कि सौदेबाजी नहीं की। मैं मध्यप्रदेश में यह नहीं होने देना चाहता था। पहले दिन से झूठ बोल रहे हैं कि किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। कोई कर्जा माफ नहीं होगा। लेकिन विधानसभा में खुलकर बोले 22 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ। अगर सरकार रहती तो हर किसान का कर्जा माफ होता। अगर आगे कांग्रेस सरकार आई तो सबका कर्जा माफ होगा।

वे बोले आपने 10 दिन में क्यों नहीं किया। मैंने तो यह कहा था आप बहुत लायक है। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें नालायक कह रहा हूं। किसी का अपमान नहीं किया। मैंने माफिया के खिलाफ अभियान चलाया। मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कमलनाथ पापी है। मैं एक बात स्वीकार करना चाहता एक गलती मैंने की। सौदा नहीं किया। मुझे पता था इस तरह का सौदा हो रहा है। बस यही गलती की है। मुझे पूरा विश्वास है, ग्वालियर-चंबल के मतदाता इसका जवाब देंगे। सबसे ज्यादा सैनिक मध्य प्रदेश के ग्वालियर के हैं। वीरों की जमीन है। इसके नाम को कलंकित नहीं होने देंगे।

मुझे पूरा विश्वास है कि 3 तारीख को प्रदेश के मतदाता खासकर की ग्वालियर-चंबल के मतदाता मध्य प्रदेश के मान-सम्मान को सुरक्षित रखने के लिए मध्य प्रदेश में विकास एक नया नक्शा बनाने के लिए वोट करेंगे। यह विश्वास है कि उनके पास सवाल रहेगा कि मान सम्मान की लड़ाई मानकर यह ऐसे कैसे हो गया। मैंने 40 साल में बहुत सारे इलेक्शन कमीशन देखे हैं। इसमें जाने की आवश्यकता नहीं है। 10 तारीख के बाद जनता इसका जवाब देगी। मैं मतदाताओं का बहुत सम्मान करता हूं।

उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देवास, मंदसौर, आगर और राजगढ़ जिले में प्रचार के आखिरी दिन जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कमलनाथ रोज सुबह आप आईना में अपने आप को कैसे देख पाते होंगे? नाथ झूठ फैलाने बंद करें। इस उम्र में उन्हें यह शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने 15 महीने में प्रदेश को लूटा है और सिर्फ झूठ बोला है। किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया। उन्होंने किया है तो सिर्फ होनहार के सपने छीनने का काम किया है। किसानों की आशाओं को छीना है। प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर वे लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। 15 माह की प्रलोभनकारी सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना को बंद कर दिया। सरकार किसी भी स्थिति में कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र घटाने नहीं जा रही है।

राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मेहगांव के अमायन में भाजपा प्रत्याशी ओपीएस भदौरिया के समर्थन में सभा की। सिंधिया ने कहा, कमल नाथ मुख्यमंत्री बने मैंने कहा, पूर्ण समर्थन दूंगा। मेरी सोच थी विकास और प्रगति होगी। वहीं कमल नाथ ने वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। हमने सोचा था बड़े उद्योगपति हैं निवेश लाएंगे, रोजगार लाएंगे। निवेश, रोजगार 15 महीने में नहीं लाए। नया ट्रांसफर उद्योग शुरू कर दिया। सभा में प्रत्याशी ओपीएस भदौरिया, पूर्व विधायक रसाल सिंह, राकेश शुक्ला, मुकेश चौधरी मौजूद रहे।

सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ पर हमला बोलते हुए कहा, 15 महीने वल्लभ भवन में बैठकर अधर्म की भावना अपनाई। भ्रष्टाचार किया तो मुझे कहा सड़क पर उतर जाओ। सिंधिया ने कहा कमल नाथ क्या जानते हैं, यह चंबल की माटी है। चंबल का चमड़ा है। चंबल का व्यक्ति पद का भूखा नहीं, लेकिन स्वाभिमान को कलंकित किया तो चंबल का व्यक्ति जी-जान लगा देता है। मैं सड़क पर आ गया। उस भ्रष्टाचारी सरकार को धूल चटाने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया। कमल नाथ जब कुर्सी चली गई तो अमायन आते हैं। बैठक करने के लिए, वोट के लिए पहुंच जाते हैं।

भाजपा नेता सिंधिया ने कहा विकास और प्रगति में सदैव सिंधिया परिवार का योगदान रहा है। सिंधिया परिवार की तीनों पीढिय़ों ने यही संकल्प लिया है। परमात्मा ने जितना समय हमें इस पृथ्वी पर दिया है। ग्वालियर चंबल के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित है। सिंधिया ने कहा मेरा आपके साथ राजनीतिक रिश्ता नहीं है। कई ऐसे संबंध होते हैं, जिनका कभी किसी तराजू पर वजन नहीं देखा जाता। वो संबंध दिल की गहराइयों में निकलता है। वही संबंध इस भिंड जिले के साथ है। पूरे मध्यप्रदेश के साथ है। शरीर का एक-एक टुकड़ा। शरीर की एक- एक खून की बूंद आपके लिए समर्पित है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने रविवार को पार्टी के वार रूम में मीडिया से चर्चा में कहा कि कमल नाथ कांग्रेस हाइकमान द्वारा थोपे गए मुख्यमंत्री थे। उन्होंने प्रदेश के विकास की जगह केवल छिंदवाड़ा पैसा भेजा। कमल नाथ यह बात भूल गए कि वे पूरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। दिग्विजय सिंह के इशारे पर ग्वालियर-चंबल अंचल को ज्योतिरादित्य सिंधिया के खाते में डालकर विकास के रास्ते पर बैरीकेट्स लगा दिए। अंचल के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपमानित करना शुरू कर दिया। कमल नाथ व दिग्विजय का इरादा अंचल के विकास को ठप कर सिंधिया की जमीन को कमजोर करने का था। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्योगपति कमल नाथ वल्लभ भवन में बैठकर कमीशनखोरी व ट्रांसफर उद्योग को विकसित करने में लग गए।

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भाजपा ने पूर्व विधायक को पार्टी की सदस्यता को निष्कासित कर दिया है। अनुशासनहीनता के कारण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने सुमावली से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। बता दें कि पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह के बड़े भाई सतीश सिकरवार उपचुनाव में ग्वालियर पूर्व सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। सतीश सिकरवार के भाजपा से बगावत कर कांग्रेस का दामन थामने और फिर ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा ने भितरघात के डर से ही पार्टी के सीनियर नेता गजराज सिंह सिकरवार और उनके बेटे पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार को ग्वालियर-चंबल अंचल से दूर रहने के लिए कहा था और दूसरे जिले की विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी थी। पार्टी ने सत्यपाल सिंह सिकरवार को मांधाता और उनके पिता गजराज सिंह को बड़ामलहरा में चुनाव प्रचार करने के लिए कहा था लेकिन बताया जा रहा है कि सत्यपाल सिंह ने आदेश का पालन नहीं किया और मांधाता चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं गए। पार्टी को दोनों के खिलाफ शिकायतें भी मिली थीं जिसके बाद अब सत्यपाल सिंह पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने निष्कासन की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के जरिए पार्टी ने भितरघात की कोशिश में लगे उन नेताओं को भी मैसेज देने की कोशिश की है जो कहीं न कहीं अनुशासनहीनता कर सकते थे।