अंतिम तीन दिन में ही तय होगा सुवासरा का भविष्य !

 

सियासी दाव-पेचों में भाजपा और कोंग्रेस दोनो ही दल सक्रिय है हालांकि भाजपा हमेशा ही दाव-पेच में आगे रहती है। लेकिन अबकी बार कोंग्रेस भी भाजपा की राह पर चलकर सुरूवाती दौर में कामयाबी हासिल करती हुई नजर रही है।भाजपा के पास कार्यकताओ की बड़ी फ़ौज है, लेकिन वह सब अपने-अपने नेताओं में बटी हुई है। सियासी ऊटक-पटक के बाद भाजपा में भितरघात से कतई इंकार नही किया जा सकता है।

लंबे समय से सुवासरा को अपना भविष्य समझने वाले कई नेताओ को अब  लाइन में लगना पड़ गया और हमेशा के लिए वह अपने आप को लाइन में ही देख रहे ऐसे में कई नेता अपने भविष्य को ध्यान में रखकर ही मेहनत कर रहे है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा था की स्थानीय कोंग्रेस अपना नेतृत्व खोने के बाद भी अस्तित्व में है। लेकिन जैसे ही कोंग्रेस ने टिकिट की मुहर लगाई तब से स्थानीय कोंग्रेस बिलकुल निष्क्रिय नजर रही है। या फिर यह कहे तो स्थानीय नेता सिर्फ सोशल मीडिया पर ही शिवराज सरकार को कोस रहे।

जबकी भाजपा में नेताओ को छोड़ भाजपा संघठन की बात करे तो वह अपना काम कर रहा है। हालांकि दोनों ही दल अभी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे है। ओर मैदानी स्तर पर भी दोनो ही एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हुए नजर रहे है।बड़े सियासी उटकपटक ओर आम मतदाता के मौन होने के कारण राजनीतिक विश्लेषक भी यहा अंदाज नही लगा पा रहे की यह सीट किसके पाले में होगी। लेकिन यह जरूर कहा जा रहा की अंतिम दिनों में जो दाव-पैच खेलने में कामयाब रहा वही इस सीट पर सिकंदर बनकर उभरेगा।

                                                                                                                       बलवंत भट्ट

                                                            सीतामऊ