सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार…

20 सितंबर को की ताजपोशी और 18 वे दिन सुना दिया पद छीने जाने का फरमान

भोपाल।  20 सितंबर 2020 को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बने आनंद शर्मा को अचानक उनके पद से 8 अक्टूबर 2020 हटाए जाने का फरमान भी सुना  दिया गया, मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि ऐसा एक विधायक के विरोध के कारण किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधायक ने श्री शर्मा को महामंत्री बनाए जाने पर इस्तीफे की धमकी दे डाली थी, जिस कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को विधायक की माननी ही पड़ी। 

आनंद शर्मा को उनकी सक्रियता व लोकप्रियता के कारण कांग्रेस हित में २० सितंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर ही उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी चन्द्रप्रभाष शेखर ने प्रदेश महामंत्री पूर्व मंत्री लाखन सिंह की सिफारिश पर नियुक्त किया था। इस पद से हटा दिया गया था। श्री शर्मा को महामंत्री के पद पर नियुक्ति की जानकारी देर से मिली थी और पद से हटाए जाने की जानकारी भी देर से मिली।

मृदु भाषी आनंद शर्मा पश्चिम क्षेत्र के सशक्त कांग्रेस नेता हैं। और 3 बार पार्षद भी रहे हैं। वह पिछले विधानसभा चुनाव में विधायक टिकट के प्रबल दावेदार थे और उनकी जगह पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के खास रहे प्रवीण पाठक को कांग्रेस का टिकट मिला था। 

प्रवीण पाठक और उनकी तभी से पटरी नहीं बैठती है। वह विगत ४४ वर्षों से कांग्रेस के अनुशासित , वफादार सिपाही है। पार्टी का निर्णय उन्हें शिरोधार्य है। पद तो एक सामान्य प्रक्रिया है पद तो आते जाते रहते हैं। में तो पार्टी का सेवक बनकर कार्य करता रहूंगा - कांग्रेस के जिला प्रवक्ता रहे आनंद शर्मा।