कृषि बिल मुद्दे पर…

कांग्रेस आज करेगी देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली। कृषि बिल के मुद्दे पर कांगेस पार्टी आज देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. आज सभी राज्यों की राजधानी में कृषि बिल मुद्दे पर कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. सोनिया गांधी की सलाहकार समिति के साथ पार्टी महासचिवों और प्रभारियों की बैठक में 21 सितंबर को कांग्रेस ने पचास दिनों के देशव्यापी आंदोलन की रुपरेखा तय की थी. जिसके तहत कांग्रेस आज हर राज्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. इसके बाद 28 सितम्बर तक हर राज्य में नेता राजभवन तक पदयात्रा निकालते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राज्यपाल को सौंपेंगे. बताया जा रहा है कि 2 अक्टूबर को हर जिले में धरना प्रदर्शन होगा और 10 अक्टूबर को हर राज्य में किसान सम्मेलन किया जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ता 31 अक्टूबर तक गांव-गांव जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे. पार्टी ने 2 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिन्हें 14 नवम्बर को राष्ट्रपति को सौंपने की रणनीति बनाई गई है. 

गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा में किसान इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इन राज्यों में कांग्रेस ने पहले ही मोर्चा खोला हुआ है. कांग्रेस का आरोप है कि इन बिलों के जरिए मोदी सरकार किसानों को कॉरपोरेट के चंगुल में फंसा रही है. इससे मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा. बुधवार को गुलाम नबी आजाद ने 14 दलों की ओर से राष्ट्रपति से मुलाकात की और मुलाकात के बाद कहा कि सरकार को सबसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार ने ना तो बिल को स्टैंडिंग कमेटी को भेजा ना ही सिलेक्ट कमिटी को. वरना यह बिल किसानों के लिए अच्छा होता. उनका कहना है कि 'राज्य सभा में जिस तरह बिल पारित करवाया गया उसके विरोध में हमने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी थी. 

संख्याबल हमारे पक्ष में था. हंगामे के लिए विपक्ष नहीं सरकार जिम्मेदार है. मांग के बावजूद, मतविभाजन नहीं हुआ. लोकतंत्र के मंदिर में संविधान की धज्जियां उड़ाई गई इसलिए हमने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा. यह बिल पास कराने का तरीका असंवैधानिक था.' गुलाम नबी आजाद का कहना है कि हमने निवेदन किया कि राष्ट्रपति इस बिल को वापस भेज दें ताकि इस पर दोबारा चर्चा की जाए और जरूरी सुधार भी हो जाएं. वहीं राष्ट्रपति ने कहा है कि वो इस पर गौर करेंगे.