समय-सीमा निकलने पर धारा-188 के तहत सख्त कार्रवाई…

जिले के सभी शस्त्र लायसेंस हुए निलंबित, एक हफ्ते के भीतर शस्त्र जमा करने के आदेश

ग्वालियर। जिले में प्रस्तावित विधानसभा उप निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिये जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा रहे हैं। इस कड़ी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने एक आदेश जारी कर जिले के अंतर्गत समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तियाँ (शस्त्र लायसेंस) निलंबित कर दिए हैं। 

साथ ही सभी शस्त्र लायसेंसधारियों को एक हफ्ते के भीतर अपने शस्त्र संबंधित पुलिस थानों अथवा रक्षित पुलिस लाइन में जमा करने के आदेश भी दिये हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने साफ किया है कि समयावधि के भीतर शस्त्र जमा न करने वाले शस्त्र लायसेंसधारियों के खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 एवं आयुध अधिनियम 1959 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जायेगी। 

ज्ञात हो जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 15-ग्वालियर, 16-ग्वालियर पूर्व एवं 19-डबरा (अजा.) में उपचुनाव प्रस्तावित है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश माननीय न्यायाधिपतिगण, न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, शासकीय अभिभाषक, सुरक्षा व चुनाव व्यवस्था आदि में कर्तव्य पालन के लिये तैनात किए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, विशिष्ट व्यक्तियों, अधिकारियों व उम्मीदवारों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिस कर्मियों सहित अन्य शासकीय बलों, बैंक गार्डों आदि पर लागू नहीं होगा। 

किसी धार्मिक कानून एवं परम्परा के अंतर्गत अस्त्र-शस्त्र धारित किए जाने वाले व्यक्तियों पर प्रभावशील नहीं होगा। लेकिन ऐसे व्यक्ति घर, कार्यस्थल व ड्यूटी को छोड़कर अनावश्यक रूप से शस्त्र धारण व प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यदि ग्वालियर जिले में किसी सार्वजनिक अथवा निजी प्रतिष्ठान को सुरक्षा के लिये शस्त्र धारक सुरक्षा बल की जरूरत है तो उन संस्थानों को कारण प्रदर्शित करते हुए कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्र.-114 में आवेदन देकर विधिवत अनुमति लेनी होगी। ऐसे लायसेंसधारी जिनके लायसेंस जिले से बाहर पंजीकृत हैं उन्हें इस जिले के साथ-साथ उस जिले के जिला दण्डाधिकारी से भी अनुमति प्राप्त करनी होगी, जहाँ शस्त्र लायसेंस पंजीकृत है।