पार्टी में सुधार की मांग…

नए 'अध्यक्ष' के लिए कांग्रेस में उठ रहे बागी तेवर !

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी में नया अध्यक्ष चुने जाने के लिए सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक से पहले ही पार्टी नेताओं में 'अध्यक्ष' पद को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं. वर्तमान सांसदों और पूर्व मंत्रियों का एक समूह जहां पार्टी में 'सामूहिक नेतृत्व' की मांग कर रहा है. वहीं दूसरा वर्ग राहुल गांधी को दोबारा से पार्टी अध्यक्ष बनाने की आवाज उठा रहा है. दोनों समूहों ने अपनी- अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है. 'सामूहिक नेतृत्व' के हिमायती 23 नेताओं ने कांग्रेस में शक्ति के विकेंद्रीकरण, प्रदेश इकाइयों के सशक्तिकरण और केंद्रीय संसदीय बोर्ड के गठन जैसे सुधार करने का आग्रह किया है. पार्टी में 1970 के दशक तक केंद्रीय संसदीय बोर्ड का अस्तित्व था. जिसे बाद में खत्म कर दिया गया. पत्र में कहा गया है कि सामूहिक निर्णय लेने की इस प्रक्रिया में 'गांधी परिवार' अभिन्न हिस्सा बना रहे. 

इन नेताओं ने पूर्णकालिक नेतृत्व की नियुक्ति की भी मांग की है. जो सक्रिय हो और जिससे कार्यकर्ता और नेता आसानी से संपर्क कर सकें. सुधार के पक्षधर नेताओं ने पार्टी के सभी पदों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भी मांग की है. चिट्ठी लिखने वालों में 5 पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई पूर्व केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं. वहीं राहुल गांधी की वापसी के पक्षधर नेताओं ने 'सामूहिक नेतृत्व' की दलीलों का विरोध किया है. पार्टी के सांसद मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी की दोबारा वापसी को लेकर सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा है. तेलंगाना के पूर्व सांसद और पार्टी के महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी सचिव चल्ला वामसी चंद रेड्डी ने भी राहुल गांधी को बिना किसी देरी के कांग्रेस अध्यक्ष बनाने जाने की मांग की है. ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को होने वाली पार्टी कार्यसमिति की बैठक हंगामेदार हो सकती है. 

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक राहुल गांधी की दोबारा ताजपोशी के आसार ज्यादा हैं. यदि राहुल गांधी नहीं माने तो उनकी जगह गांधी परिवार के वफादार किसी पुराने नेता को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. उधर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी में अध्यक्ष पद पर चुनाव की जगह सर्वसम्मति को मौका देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि चुनाव होने से पार्टी में आपसी फूट बढ़ेगी. इसलिए आम सहमति के जरिए नया अध्यक्ष चुना जाना चाहिए. सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के नेता हैं. चाहे उनके पास अध्यक्ष का पद है या नहीं लेकिन वे एक नेता के रूप में हरेक कांग्रेसी को सर्वमान्य हैं. लोक सभा चुनाव में हार के बाद पिछले साल राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति ने 2019 में सोनिया गांधी को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष मनोनीत किया था. अब सोनिया गांधी ने यह पद छोड़ने की इच्छा जताई है. जिसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति सोमवार को बैठक करने जा रही है.