कमाल का नगर निगम...

लापरवाही का यह आलम सड़क पर घंटों पढ़ा रहा मृत गोवंश



सुबह से एक सांड बीमार हालात में पढ़ा हुआ था, निगम के जिम्मेदार कर्मियों को बोला जाता है। जिम्मेदार पूछते है गाय है या सांड है। सांड सुनकर थोड़ा तसल्ली से टीम भेजने की बात कही। दोपहर दो बजे के बाद जब नगर निगम की टीम आती है तब तक सांड मर जाता है। अब टीम कहती है जिंदा होता तो ले जाते। मरे हुए जानवर को उठाने का विभाग दूसरा है। मेने कहा तो आप दूसरे विभाग को सूचना दो। अब दी की नहीं दी। लेकिन रात के आठ बजे चुके हैं मृत जानवर वहीं पड़ा है। क्षेत्र अधिकारी को बोला तो वह कहते है काम तो निगम का ही है लेकिन कौनसी एजेंसी उठाती है पता नहीं। कुल मिलाकर निगम के आपस के विभागों में सामंजस नहीं है। एआम आदमी जागरूक होकर कोई शिकायत करे तो कहां करे। और हाँ खबर दार किसी ने नगर निगम की कर्मठता पर अंगूठा उठाया तो...