गुरुवार को 59 नए संक्रमित मिले…
अगले तीन दिन ग्वालियर में बाहर आने-जाने पर लगी रोक 

अंचल में कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने जिले में गुरुवार रात से ही तीन दिन के लिए सीमाएं सील करते हुए शहर में आने और बाहर जाने वालों पर रोक लगा दी है। इधर धाैलपुर से अाए 80 वर्षीय वृद्ध की जेएएच के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि उनके सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। अब्दुल्ल सत्तार निवासी धौलपुर को गुरुवार शाम 7 बजे अस्पताल में भर्ती किया गया था। संक्रमण के लक्षण होने के कारण उनके सैंपल लिए गए थे। लेकिन दो घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद शव के अंतिम संस्कार के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। वहीं मुरैना की कोरोना संक्रमित महिला ने इलाज के दौरान दिल्ली में दम तोड़ दिया। मुरैना के अंबाह क्षेत्र की महिला बिट्टी देवी (72) पैरों की सूजन का इलाज कराने के लिए दिल्ली गईं थीं। 

कोरोना से मुरैना जिले में यह नौवीं मौत है।  ग्वालियर में न्यूरोसर्जरी के डॉक्टर व एक मेडिकल एजेंसी के तीन कर्मचारियों सहित 59 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। खास बात यह है कि अब जो भी संक्रमित मिल रहे हैं, वे आपसी संपर्कों के कारण संक्रमित हुए हैं। अब तक 1168 संक्रमित इलाज पूरा होने के बाद अस्पतालों से घर जा चुके हैं। 741 मरीज अभी भी अस्पतालों में इलाज ले रहे हैं। गंभीर बीमारी के साथ संक्रमित हुए 13 मरीजों की अभी तक मौत हो चुकी है।  उधर, तीन दिन की राहत के बाद मुरैना में फिर 40 संक्रमित मिले। इंदौर की सुप्राट्रेक लैब और ग्वालियर की जीआरएमसी से आए 1145 सैंपल में से 40 संक्रमित मिले। इस तरह जिलेभर में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1451 हो गई है। 

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 जुलाई से 26 जुलाई तक ग्वालियर जिले की सीमाएं सील करने का फैसला किया है। एडीएम किशोर कान्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन दिन के लिए अन्य जिलों से प्रवेश करने वाले और ग्वालियर से जाने वाले सभी व्यक्तियों और प्राइवेट वाहनों के आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सिर्फ मालवाहक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। इस दौरान मेडिकल और अत्यावश्यक कारणों से आने-जाने की अनुमति के लिए डिप्टी कलेक्टर संजीव खेमरिया से अनुमति प्राप्त करना होगा। यह आदेश 23 जुलाई की रात 12 बजे से 26 जुलाई की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। आदेश में पुलिस अधीक्षक और इंसीडेंट कमांडर को इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।