कोरोना की इस दवा को DCGI से मिली अनुमति...
कोरोना की सबसे सस्ती दवा, एक टैबलेट 59 रु. में

कोरोना वायरस की सबसे सस्ती दवा बन चुकी है. उसे बाजार में लाने की अनुमति भी एक दवा कंपनी को मिल गई है. इस दवा को बाजार में लाने के लिए ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया (DCGI) से दवा कंपनी को अनुमति मिल चुकी है. इस दवा की एक टैबलेट मात्र 59 रुपए में मिलेगी. इस दवा का नाम है फैवीटॉन (Faviton). इस बनाया है ब्रिन्टन फार्मास्यूटिकल्स ने. कंपनी का दावा है कि यह एंटीवायरल ड्रग है जो कोरोना वायरस से लड़ने में कोरोना मरीजों की मदद करेगी. इस दवा को फैवीपिरावीर (Favipiravir) के नाम से भी बाजार में बेचा जाता है. 

इनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक ब्रिन्टन फार्मा ने कहा है कि फैवीटॉन 200 मिलीग्राम की टैबलेट में आएगी. एक टैबलेट की कीमत 59 रुपये होगी. यह कीमत मैक्सिमम रिटेल प्राइज होगी. इससे ज्यादा कीमत पर यह दवा नहीं बेची जाएगी. ब्रिन्टन फार्मा के सीएमडी राहुल कुमार दर्डा ने बताया कि हम चाहते हैं कि ये दवा देश के हर कोरोना मरीज को मिले. हम इसे हर कोविड सेंटर पर पहुंचाएंगे. हमारी दवा की कीमत भी फिक्स है. ये एक सस्ती दवा है. 

कंपनी ने कहा है कि इस समय फैवीपिरावीर (Favipiravir) दवा की जरूरत सबको है. ये दवा उन मरीजों के लिए बेहतरीन है जिन्हें कोरोना का हल्का या मध्यम दर्जे का संक्रमण है. भारत में फैवीपिरावीर (Favipiravir) को डीसीजीआई ने कोरोनावायरस की आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जून में अप्रूवल दिया था. अब इसे बाजार में लाने की अनुमति मिल चुकी है. ब्रिन्टन फार्मा जापान की फूजीफिल्म तॉयोमा केमिकल कंपनी के साथ एवीगन नामक दवा बना रही है. यह दवा फैवीटॉन का जेनेरिक वर्जन है.