मलाईदार विभाग चाहते है टाईगर !
प्रदेश में विभागों का बंटवारा बना ‘बीरबल की खिचड़ी’

भोपाल। सूत्रों के अनुसार सत्ता में आने के बाद करीब तीन महिने बाद महामंथन करने पर शिवराज सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार दो जुलाई को हुआ और अब विभागों के बंटवारों को लेकर देरी हो रही है। माना जा रहा है कि विभागों का बंटवारे में सिंधिया अपने समर्थक मंत्रियों को मलाईदार विभाग देने की डिमांड कर रहे हैं, हालांकि दिल्ली में हाईकमान से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने बयान दिया है कि भोपाल पहुंचते ही विभागों का बंटवारा कर दिया जाएगा। लेकिन इस देरी के चलते एक बार फिर कांग्रेस ने शिवराज सरकार और महाराज को निशाने पर ले लिया है। कांग्रेस ने विभागों के बंटवारे को बीरबल की खिचड़ी की संज्ञा दी है। कांग्रेस के कद्दावर नेता केके मिश्रा ने ट्वीट कर निशाना साधा है। 

मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा है कि मप्र मंत्रिमंडल में विभागों का वितरण बना “वीरबल की खिचड़ी, “टाइगरों की दाढ़ में लगा हुआ है भ्रष्टाचार का खून!मासिक आय के लिए चाहते हैं मलाईदार विभाग!अरे,आप तो जनसेवक है?तो मलाई क्यों? शिवराज जी,हमने तीन पीढ़ियों के चरित्र को भोगा है,अब बारी आपकी? वही एमपी कांग्रेस ने महाराज पर ट्वीट कर लिखा है कि सुना है,गैर-विधायकों को मंत्री बनवाने के बाद, अब गैर-मंत्रियों को विभाग दिलाने की ज़िद है।इतना ही शिवराज को भी कांग्रेस ने घेराबंदी की है। दरअसल, लंबे इंतजार के बाद 2 जुलाई को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया, लेकिन चार दिन के बाद भी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है। 

माना जा रहा है कि विभागों का बंटवारे में सिंधिया अपने समर्थक मंत्रियों को मलाईदार विभाग देने की डिमांड कर रहे हैं, जबकी बीजेपी बड़े विभाग अपने पास रखना चाहती है।इस उलझन के चलते विभागों के बंटवारे में पेंच फंस गया है और इसी के चलते सिंधिया के दिल्ली पहुंचते ही दो दिन बाद रविवार को शिवराज दिल्ली हाईकमान से मिलने पहुंचे ।यहां उन्होंने हाईकमान के साथ चर्चा की। खबर मिल रही है कि विभागों को लेकर निर्णय हो गया है,खुद शिवराज के बयान से संकेत मिले है। रविवार को मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि भोपाल पहुंचते ही विभागों का बंटवारा कर दूंगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि सिंधिया समर्थकों मंत्रियों को कौन कौन से विभाग मिलते है।