कलेक्टर ने बैठक में किल कोरोना अभियान की समीक्षा की…
संक्रमण की चैन को तोड़ने हेतु लोग अपने घरों में रहें : श्री सिंह

ग्वालियर। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले में कोविड-19 के बढ़ते मरीजों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि किल कोरोना अभियान के तहत एएनएम द्वारा सर्वे के दौरान ऐसे मरीज जिनमें सर्दी, जुकाम एवं बुखार के लक्षण पाए गए हैं, उनकी सेम्पलिंग कराई जाए। साथ ही कोरोना के पॉजिटिव मरीजों के प्रथम संपर्क में आए लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर सेम्पल कराए जाएं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह बुधवार को स्मार्ट सिटी के कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर मोतीमहल ग्वालियर में इंसीडेंट कमांडरों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर आशीष तिवारी, स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य सहित इंसीडेंट कमांडर तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में बढ़ते कोरोना के पॉजिटिव प्रकरण को देखते हुए एक सप्ताह का लॉकडाउन लागू किया गया है। 

इसका पूरी सख्ती के साथ पालन कराएं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने हेतु लोगों को अपने घरों में ही रहना होगा तथा आवश्यक कार्य होने पर ही चेहरे को पूरी तरह मास्क से ढककर ही निकलें। लोग अपने हाथों को सेनेटाइजर से बार-बार सेनेटाज भी करें। उन्होंने किल कोरोना अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सर्वे दल द्वारा किए गए सर्वे के तहत ऐसे लोग जिनमें सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण पाए गए हैं उनकी सेम्पलिंग कराएं। इस कार्य में वार्ड निगरानी समिति का पूर्ण सहयोग लें। सेम्पल लिए गए लोगों को रिजल्ट आने तक होम क्वारंटाइन कराएं। इसके लिये उनके निवास पर होम क्वारंटाइन का पर्चा भी चस्पा करें। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में स्थित फीवर क्लीनिकों को बेहतर तरीके से संचालित होने एवं इन क्लीनिकों पर उपचार की सम्पूर्ण व्यवस्था के साथ सेम्पलिंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। 

कलेक्टर ने सर्वे में पाए गए मरीजों की एंट्री के कार्य में तेजी लाने के सभी इंसीडेंट कमांडरों को निर्देश दिए। इस कार्य में कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं अन्य सहयोगी कर्मचारियों का सहयोग लें। बैठक में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) डेडीकेटेड कोविड हैल्थ सेंटर (डीसीएचसी) और डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल (डीसीएच) पर भेजे जाने वाले मरीजों के उपचार के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर पर इंट्रीगेटेड डैश बोर्ड विकसित किया जायेगा। जिसमें हॉस्पिटल मैनेजमेंट, निजी चिकित्सालयों मं उपचारित मरीजों की स्थिति शिकायत प्रबंधन, होम क्वारंटाइन तथा बॉर्डर मैनेजमेंट की स्थिति भी प्रदर्शित होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने में जिले में संचालित नर्सिंग महाविद्यालय के नर्सिंग के छात्रों एवं चिकित्सकों का भी सहयोग लिया जाए।