शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बड़ा…
पार्टी में रहकर आखिर कबतक पीते अपमान का घूँट : श्री तोमर 

भोपाल। शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बड़ा बयान सामने आया है. मीडिया से बातचीत में प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा, ''हम कांग्रेस छोड़कर नहीं आए, हमको धक्का देकर कांग्रेस से निकाला गया.'' आपको बता दें कि तोमर भी उन 22 विधायकों में से एक थे, जिन्होंने कमलनाथ सरकार से बगावत करते हुए विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. मंत्री तोमर ने कहा, ''पूरे प्रदेश की जनता का एक उद्देश्य था विकास. कार्यकर्ता अपने आप को ठगा महसूस कर रहे थे. जनप्रतिनिधि अपने आप को ठगा महसूस कर रहा थे. पार्टी में रहकर आखिर कबतक पीते अपमान का घूँट l छिंदवाड़ा में विकास और दूसरे जगह विकास की जरूरत नहीं है क्या? 

वचन पत्र में जो वादे किए, जो वचन दिए थे वे पूरे नहीं हो रहे थे. तो क्या हम कुर्सी पर चिपके रहते? दलाल और रेत माफिया सक्रिय हो गए थे. क्या ये हम होने देते? इसलिए हमने मंत्री पद, विधायक पद छोड़ दिया.'' नंगे पैर घूमने के सवाल पर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा, ''नंगे पैर इसलिए घूम रहा हूं, दूसरे की पीड़ा का एहसास तब होगा, जब आप दूसरों की पीड़ा समझोगे. पानी की समस्या के लिए मैंने नंगे पैर रहने का फैसला लिया. जब मेरे पैरों में छाले पड़े तब मुझे उनकी समस्या का एहसास हुआ. शिवराज जी के प्रयासों से पानी की समस्या का 60 से 70 प्रतिशत सुधार हो गया है. 

बाकी 30 प्रतिशत जब सुधार हो जाएगा मैं चप्पल पहनूंगा.'' पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह के ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमीन के मामले में लगाए आरोप के सवाल पर मंत्री तोमर ने कहा, ''छिंदवाड़ा का प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष छिंदवाड़ा का, नेता छिंदवाड़ा का तो क्या डॉ गोविंद सिंह झंडे उठाते रहेंगे, जिंदाबाद के नारे लगाते रहेंगे? नेता प्रतिपक्ष का निर्णय तो कर लो तब बाकी बात करेंगे.'' आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे डॉ गोविंद सिंह ने अपने एक बयान में सिंधिया परिवार पर सरकारी जमीनें हड़पने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक किसी नेता को राजस्व विभाग की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाए.