India Ideas Summit में बोले पीएम…
भारत में निवेश का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता :  मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत-अमेरिका बिजनेस काउंसिल के इंडिया आईडिया समिट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी को एकसाथ आकर बेहतर भविष्य देना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि यूएसआईबीसी के कारण भारतीय व अमेरिकी कारोबारी निकट आए हैं. ये सम्मेलन बेहतर भविष्य का निर्माण करेगा. US-इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) द्वारा आयोजित इंडिया आइडियाज़ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को अवसरों का देश बताते हुए कहा कि भारत आपको रक्षा और अंतरिक्ष में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता है. हम रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए FDI कैप को 74% तक बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि विमानन, बीमा, रक्षा क्षेत्र में निवेश के काफी अवसर, हमने रक्षा, बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा को बढ़ाया है. 

भारत निवेशकों को कारोबार करने को आमंत्रित करता है, देश में ऊर्जा, कृषि, प्रौद्योगिक क्षेत्र, बिजली बुनियादी ढांचा समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के काफी अवसर हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमने छह साल मंए आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया है. पीएम ने कहा कि दुनिया को बेहतर भविष्य की जरूरत है, वृद्धि के एजेंडे में गरीबों का ध्यान रखना होगा. पीएम ने कहा कि कोविड-19 के दौरान भारत ने 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका स्वभाविक सहयोगी है, हम आगे भी रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि हमने प्रधानमंत्री मोदी को अगले G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है, जहां हम अंतरराष्ट्रीय समृद्धि नेटवर्क को आगे बढ़ाएंगे. 

समिट में वित्त मंत्री निर्मल सीतारमरण और वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल समेत कई लोग शरीक हो चुके हैं महत्वपूर्ण है कि इंडिया आईडिया समिट में पीएम मोदी की आर्थिक टीम के सिपहसालार, वित्त मंत्री निर्मल सीतारमरण, वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल, नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल समेत कई लोग शरीक हो चुके हैं. समिट के दौरान वित्तमंत्री निर्मल सीतारण ने जहां भारत सरकार के हाल में घोषित आर्थिक पैकेज से उद्योग और कंपनी क्षेत्र को पहुंचाई गई राहत के बारे में बताया. वहीं, वाणिज्य मंत्री गोयल भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने तक एक प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट किए जाने की वकालत की. ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री मोदी व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ही भारत और अमेरिका की साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण भागीदार बताते आए हैं. भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों का ग्राफ बीते कुछ दशकों में काफी तेजी से बढ़ा है. दोनों मुल्कों के द्विपक्षीय कारोबार का आंकड़ा करीब 150 अरब डॉलर है. आज भारत में जहां करीब 800 अमेरिकी कंपनियां मौजूद हैं. वहीं अमेरिका के सभी 50 राज्यों में भारतीयों कंपनियों की उपस्थिति है. भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में बीते कुछ सालों के दौरान करीब डेढ़ अरब डॉलर का निवेश किया है और लगभग 70 हजार अमेरिकियों को रोजगार भी दिए हैं.