1 जुलाई राष्ट्रीय डाक कर्मी दिवस पर आधारित गीत

"आओ पत्र लिखें"
चिट्ठी पत्री से जुड़ते हैं ,
मन से मन के तार, 
शब्द शब्द में ध्वनित होती, 
अंतस की झंकार ।
आओ पत्र लिखें …….
अपने दिल की कहें ।
स्वाभाविक अभिव्यक्ति से, 
वैचारिक आदान-प्रदान ।
लेखनी भी होती है परिष्कृत, 
शब्दों के नूतन संधान,
आओ मीत बनें……. 
अपने दिल की कहें ।
राखी के त्यौहार पे बहना,
भेजे प्यार लिफाफे में, 
रख देती एक मन की पाती,
बंधन के इस धागे में
आओ रिश्ते बुनें…..
अपने दिल की कहें ।
चिट्ठी के इंतजार में तकती, 
बूढ़ी मां अकुलाती थी । 
बीत चला ऐसा वो जमाना,
चिट्ठी न अब आती थी ।
आओ फिर से लिखें….
अपने दिल की कहें ।

डॉ. दीप्ति गौड़ "दीप" 

सर्वांगीण दक्षता हेतू राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली की ओर से भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति महामहिम स्व. डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्मृति स्वर्ण पदक,विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न शिक्षक के रूप में राज्यपाल अवार्ड से सम्मानित।