दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई : शिवराज
शाजापुर के निजी अस्पताल में बुजुर्ग मरीज को पलंग से बांधा

शाजापुर। शाजापुर जिले में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एक निजी अस्पताल में बुजुर्ग मरीज को इलाज का बिल जमा नहीं करने पर पलंग से बांध दिया गया। इस घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शाजापुर कलेक्टर दिनेश जैन ने सीएमएचओ से मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। 

बुजुर्ग मरीज की बेटी का आरोप है कि अस्पताल ने दो बार इलाज करवाने के लिए रुपए जमा करवाए, जब हमने कहा कि अब रुपए नहीं हैं और हमें घर जाने दो। इस पर अस्पताल कर्मियों ने बकाया राशि वसूलने के बदले पिता को पलंग से बांध दिया। वहीं, अस्पताल के मैनेजर ने बिल के कारण पलंग से बांधने की बात को गलत बताया है।

पांच दिन पहले पेट में तकलीफ के कारण रानायर गांव के रहने वाले बुजुर्ग को परिजन शाजापुर जिला अस्पताल लाए थे। वहां बुजुर्ग की हालत ठीक नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने इंदौर या उज्जैन ले जाने के लिए कहा था, लेकिन रुपए नहीं होने के कारण बेटी ने पिता को शाजापुर स्थित सिटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच दिन तक मरीज का इलाज किया, इस दौरान दो बार बुजुर्ग की बेटी ने इलाज के खर्च के रूप में 6 हजार और 5 हजार की राशि जमा कराई थी। 

शुक्रवार को जब बुजुर्ग की बेटी पैसा नहीं होने का हवाला देकर पिता को घर ले जाने का बोली तो अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के खर्च की बकाया रकम का भुगतान करने को कहा। लेकिन, बुजुर्ग की बेटी ने कहा कि अब हमारे पास बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं। इस पर अस्पताल कर्मियों ने उसके बीमार बुजुर्ग पिता को पकड़कर पलंग से बांध दिया। शुक्रवार देर रात मामला सामने आने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को अस्पताल से छुड़वाया।

मरीज की बेटी ने बताया कि जिस दिन पिता को अस्पताल में भर्ती किया, उसके पहले ही छह हजार रुपए जमा किए। दो दिन पहले पांच हजार रुपए और जमा किए थे। अस्पताल में हमने कहा कि अब हमारे पास रुपए नहीं हैं। आप पिता को लगाई पेशाब नली निकाल दो, हमें घर जाना है। इसके बाद हम फाइल लेने गए तो उन्होंने कहा कि 11,270 रुपए और जमा कराे, इसके बाद इन्हें घर लेकर चले जाना।

उन्होंने हमें फाइल भी नहीं दी। इस पर जब हम अस्पताल से जाने लगे तो वे पिता को पकड़कर ले गए और पलंग से बांध दिया। उन्होंने बीमार पिता को तीन-चार दिन से ठीक से खाना-पानी भी नहीं दिया। रुपए नहीं जमा करने के कारण बुजुर्ग पिता को बांध रखा।

अस्पताल के मालिक डॉक्टर वरुण बजाज का कहना है कि बुजुर्ग को दिमागी बुखार है। उन्हें झटके भी आ रहे थे। उसके छटपटाने से बोतल लगाने के बाद सुई के टूटने का खतरा रहता है। इसलिए रस्सी से बांधा गया था। ऐसे मरीजों को कंट्रोल करने के लिए ऐसा किया जाता है। बकाया बिल जमा करने को लेकर कोई बात ही नहीं हुई थी।