नौतपा के चौथे दिन पारे में आयी गिरावट…
भीषण गर्मी के बीच आंधी बारिश से प्रदेश में हल्की राहत

भोपाल। पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। गर्म हवाओं से लोग बेहाल हैं। नौतपा के चौथे दिन पारे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन इससे लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। इधर, राजधानी भोपाल में लॉकडाउन में सुबह 11 से 5 बजे तक दी गई छूट से आम लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। तेज धूप से लोग खरीदारी करने बाजार नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान भोपाल में 43.5, इंदौर में 41.7, जबलपुर में 42.6 और ग्वालियर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून मप्र में एक हफ्ते देर से यानी 20 जून तक और भोपाल में 22 जून तक दस्तक दे सकता है।

मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिक जेपी विश्वकर्मा ने कि एक ट्रफ लाइन, जो कि उत्तरी मध्यप्रदेश से गुजर रही है। इसके प्रभाव के चलते मौसम में हल्का बदलाव देखा गया और कुछ स्थानों पर तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गयी। हालांकि शाम के समय सतना और रीवा में हल्की बारिश के सात तेज हवाएं चली, जिसके चलते कुछ कच्चे मकानों के टीन टप्पर उड़ गए हैं। नरसिंहपुर में आज अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा दमोह में 44.5, खजुराहो 44.2, सीधी 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तथा लगभग एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पारा 43 से 44 डिग्री के बीच बना रहा। वहीं, छतरपुर, होशंगाबाद, दमोह, खंडवा और खरगोन में लू का प्रभाव रहा, जिसके चलते वहां गर्मी प्रभाव अधिक देखा गया।

कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना : ट्रफ लाइन के उत्तरी मध्यप्रदेश से गुजरने के चलते अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अनेक स्थानों पर हल्की बारिश होने के साथ ही तापमान में गिरावट की संभावना है। राजधानी भोपाल तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में आज दिन में गर्मी का प्रभाव देखा गया, लेकिन इसमें कल की तुलना में नरमी रही। कल यहां बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। अधिकतम तापमान यहां 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह भी सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला का कहना है कि अभी जितनी तपनी थी राजधानी उतनी तप गई, अब दो दिन बाद भोपाल समेत प्रदेश में मौसम बदल सकता है। नौतपा में लगातार बुंदेलखंड, विंध्य और ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा तप रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों गुजरे तूफान अम्फान के कारण मानसून के हालात अनुकूल हो गए हैं। राजस्थान जितना तपता है, वह मानसून के लिए अच्छे संकेत माने जाते हैं। मानसून मप्र में एक हफ्ते देर से यानी 20 जून तक और भोपाल में 22 जून तक दस्तक दे सकता है।

राजधानी भोपाल में बुधवार से लॉकडाउन के दौरान सुबह 11 से 5 बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसका फायदा आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। तेज धूप में लोग बाजार जाने से बच रहे हैं। शाम को जब तक धूप के तेवर कुछ हल्के और तापमान कुछ कम होता है तबत बाजार बंद हो जाता है। गुरुवार को भी राजधानी के अधिकांश बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे। इक्का-दुक्का ग्राहक ही दुकानों पर पहुंचे। 

विशेज्ञषों का कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को ठंड़ी चीजों से दूर रहने की सलाह दी है। इसलिए इतनी गर्मी में भी लोग एसी और कूलर से परहेज कर रहे हैं। गर्मी का असर फल और सब्जियों पर भी देखा जा रहा है। सुबह दिखने वाले ताजे फल-सब्जी दोपहर में सूखकर दो दिन पुराने दिखने लगते हैं। कई लोग को अपना सामान बेचने के लिए इतनी गर्मी के बाद भी सड़क किनारे छतरी लेकर व्यापार कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जून के शुरुआत में अरब सागर से मानसून के आने की संभावना है, जिससे हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि अभी गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी।