तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के समापन पर बोले एक्सपट्र्स…
प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने रोज करें योग और ध्यान : डाॅ. सेंड्रा
               

हाल ही में उभरी कोविद 19 बीमारी के कारण कई लोग तनाव का शिकार होने लगे हैं। इस तनाव का इलाज करना भी एक चुनौती है, जिसका समस्या का समाधान सरल योग, ध्यान को प्रतिदिन करने से किया जा सकता है। इसके साथ ही सूक्ष्म व्यायाम औ सूर्य नमस्कार जैसी योग विधियों द्वारा श्वसन तंत्र के साथ शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत किया जा सकता है। 

यह बात स्पेन की डाॅ. सेंड्रा ने कही। वह जीवाजी यूनिवर्सिटी में ‘कोविद-19 आउटब्रेक’ विषय पर चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के समापन दिवस पर वक्ता के तौर पर बोल रही थी आॅनलाइन चल रहे इस वेबिनार के समापन दिवस पर कई वक्ताओं ने विषय संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर जेयू की ओर से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला सहित प्रो. जीबीकेएस प्रसाद, डाॅ. केशव सिंह गुर्जर, डाॅ केके सिजोरिया और डाॅ.कविता सिंह आदि लोग मौजूद रहे। 

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि कोरोना वैश्विक बीमारी का रूप ले चुका है। कोरोना को हराने के लिए अपने मन से डर को निकालना होगा। दूसरी बात अपने इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत रखें और इम्युनिटी पासपोर्ट जेनरेट करें। इसके अलावा कोरोना फ्री सर्टिफिकेट स्वयं जेनरेट करना होगा। कोरोना से संबंधित वैक्सीन पर वैश्विक स्तर पर काम चल रहा है। जरूरत है स्वयं को सकारात्मक रखने की। 

नया कोरोना वायरस विभिन्न तरह की सतह पर कई घंटों व दिनों तक जीवित रह सकता है। पीसीआर और इम्युनोग्लोबिन तकनीक के माध्यम से इसका परीक्षण किया जा सकता है। इम्यून रिस्पांस काइनेटिक्स के माध्यम से हल्के और मध्यम कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों का उपचार किया जा सकता है।- डाॅ. एमके साहिब, औरंगाबाद 

क्वारंटाइन के कई पारंपरिक तरीके अपनाकर कोविद 19 जैसी महामारी से बचा जा सकता है। इससे बचने के लिए स्वयं के साथ- साथ पर्यावरणीय स्वच्छता भी आवश्यक है। हालांकि बहुत से शोधार्थियों के लिए अनुसंधानों पर विचार चल रहा है, जिससे वर्तमान अनुसंधान परिदृश्य भविष्य का रोडमैप तैयार किया जा सके जो हमें इस महामारी से बचाने में कारगर साबित हो सके।- डाॅ. पी साठिया राजेश्वरन, चेन्नई 

 कोरोना या कोई भी बीमारी किसी न किसी ग्रह के प्रभाव के फलस्वरूप होती है। कोरोना के कारण कई लोग तनाव और अनिद्रा के शिकार हो गए हैं।  मेडिकल एस्ट्रोलाॅजी द्वारा इन सबके उपचार के बारे में अध्ययन और उनके उपचार पर विचार करना चाहिए।-डाॅ.रकील पराइबा, पुर्तगाल

इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के निदान के लिए उच्च संवेदनशीलता और विशिष्ट आण्विक परीक्षणों को दुनिया भर में इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां तक कोविद 19 के उपचार की बात है तो इसके चार मुख्य घटक हैं, जिनमें नमूना पंजीकरण, आरएनए निष्कर्षण, आरटीपीसीआर विश्लेषण और रिपोर्टिंग मुख्य हैं। कोरोना संक्रमण प्रभावी क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों को जैव सुरक्षा, डेटा एंट्री एंड मैनेजमेंट जैसी कई गतिविधियों का प्रशिक्षण देना जरूरी है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की पेचीदगियों और चुनौतियों पर और अधिक विचार करने की जरूरत है।- डाॅ. प्रदीप बर्दे, आईसीएमआर- एनआईआरटीएच जबलपुर 

कोरोना वायरस के निदान के लिए श्वसन प्रणाली पर होने वाले संक्रमण का अध्ययन करना जरूरी है। यह वायरस मानव अंगों को प्रभावित करता है। इसके उपचार के लिए नए एंटी वायरल थैरेपी पर काम करने की आवश्यकता है। - डाॅ. प्रशांत सिंह, दिल्ली यूनिवर्सिटी