ग्रामीण क्षेत्रों में दिया गया छूट का आदेश निरस्त...

शहडोल जिले में लगा 2 दिन का कर्फ़्यू



शहडोल। जिले के गोहपारू एवं झींकबिजुरी में बाहर से आये 2 मज़दूर कोरोना पॉजिटिव निकल गए हैं। जिन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल में आइसोलेट किया गया है। साथ ही इनके निवास स्थान के 1 किलोमीटर एरिया को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया है। दोनों पॉजिटिव मरीजों का ईलाज मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा हैं।

कलेक्टर शहडोल ने 28 अप्रैल की रात 1 बजे से 29 अप्रैल के रात 12 बजे तक कर्फ़्यू का आदेश जारी किया हैं। जिसमे मेडिकल स्टोर के अलावा कोई भी दुकाने नही खुलेंगी। और न ही होम डिलीवरी का कार्य किया जाएगा।

• मेडिकल स्टोर कर्फ़्यू के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
• दूध विक्रेता सुबह 7 बजे से 9 बजे और शाम को 7 बजे से 9 बजे तक घर घर दूध पहुचाने की सेवा कर सकेंगे।
• दोपहिया और चार पहिया वाहन, राशन, सब्जी, फल और आम नागरिक से सम्बंधित सभी अति आवश्यक सेवायें बंद रहेंगी।
• किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने में प्रतिबंध रहेगा।
• एसईसीएल, रिलायंस, ओपीएम अमलाई, अल्ट्राटेक कोल माइन्स कर्फ़्यू के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। इन्हें सोशल डिस्टेनसिंग और शासन के सभी नियमो का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
• शासकीय अधिकारी और कर्मचारी कर्फ़्यू के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

26 अप्रैल को जारी किया आदेश ग्रामीण क्षेत्र में 2 कोरोना पॉजिटिव मामले मिलने के कारण निरस्त कर दिया गया हैं। जिसमे ग्रामीण क्षेत्रो में दुकाने खोलने की छूट दी गई थी। अब दुकाने नही खोली जाएंगी।

क्या दो दिन के कर्फ्यू से जिले में बाहर से आये मजदूर में कोरोना की पुष्टि को रोका जा सकता है, नही लेकिन जब तक जिले की सीमा, ब्लाक की सीमा एवं ग्राम की सीमा लॉक नही की जाती तथा हॉटस्पाट एरिया या कैंटोनमेंट एरिया के मजदूरों को जब तक बाहर नही रखा जायेगा तब तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी।

आइसोलेशन की स्थिति देखी जाये तो बहुत की खराब स्थिति है, आइसोलेट व्यक्ति बाजारों में घूमकर सामान खरीदी कर रहे हैं, ग्रामीण एरिया मे रात में वे अपने घर चले जाते हैं। जिले की सीमाओं से व्यक्ति अन्दर प्रवेश कर रहे हैं, पुलिस किसी की न तो आईडी चेक करती है और न ही बिना उचित कारणों के उनको सीमा से वापस भी नही करती है। जब तक सीमाओं को लॉक नही किया जाता तब तक ऐसी स्थितियां निर्मित होती रहेंगी। कलेक्टर महोदय से निवेदन है कि लॉकडाउन के नियमों का पालन सही तरीके से किये जाने हेतु कड़े निर्देश दिये जाने का कष्ट करें।

इसमें प्रशासन के अलावा लोकल ग्राम समिति एवं नगर समिति की भी जिम्मेदारी है कि हम अपने ग्राम एवं शहर की सीमा को लॉक करें तथा अपने ग्राम एवं शहर किस प्रकार सुरक्षित रख सकते हैं उचित रणनीति बनाई जाये। जो जहां है वहीं रहे, तभी कोरोना को हराया जा सकता है।