सौर ऊर्जा पर निर्भरता को बढ़ाए जाने पर...

जीवाजी विश्वविद्यालय में मना सोलर एप्रिसिएशन डे


पर्यावरण विज्ञान अध्ययनशाला, जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार 13 मार्च को सोलर एप्रिसिएशन डे का आयोजन किया गया, इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर पी. राजाराम ने सतत ऊर्जा के क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए फोटोवॉल्टिक सेल के महत्व को समझाया तथा दैनिक जीवन में सौर ऊर्जा पर निर्भरता को बढ़ाए जाने पर हो रहे प्रयासों के बारे में बताया l

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ हरेंद्र शर्मा ने सौर ऊर्जा को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में बढ़ावा देने की आवश्यकता को बताया तथा क्षेत्र में हो रहे विभिन्न प्रकार के शोध कार्यों के बारे में बताया l  कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पोस्टर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उपकरणों के द्वारा सौर ऊर्जा की उपयोगिता को दैनिक जीवन मैं बढ़ाने पर जोर दियाl

इस अवसर पर प्रो. व्हाय के. जायसवाल डॉ. निमिषा जादौन तथा विभाग के डॉ भावना सिकरवार, डॉ बनवारी दंडोतिया आदि उपस्थित रहेl कार्यक्रम के अंत में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया l सोलर एप्रिसिएशन पर शोध कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार रुचि श्रीवास्तव द्वितीय पुरस्कार एम विश्वनाथ शर्मा एवं तृतीय पुरस्कार रऊफ अहमद मीर को दिया गया l

इसी क्रम में स्नातकोत्तर एवं स्नातक कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार प्रीतम कुमार द्वितीय पुरस्कार आनंद व्यास एवं काजल तथा तृतीय पुरस्कार तौसीफ अहमद मीर दिवाकर कुमार एवं रजनीश कुमार को प्रदान किया गयाl
कार्यक्रम में रुचि श्रीवास्तव ने  पोस्टर के माध्यम से उत्प्रेरक एवं सूर्य प्रकाश की उपस्थिति में से कीटनाशकों एवं प्रदूषक ओके अपघटन के बारे में बताया l

 प्रीतम कुमार अनुपयोगी पानी की बोतल एवं सोडा की बोतलों के द्वारा जोगियों में प्रकाश किया जा सकता है को पोस्टर के माध्यम से बताया गया l विश्वनाथ शर्मा ने समुद्री जल को सूर्य प्रकाश के माध्यम से शुद्ध कर पीने योग्य बनाने की प्रक्रिया को पोस्टर के माध्यम से समझाया l