पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के साथ...

अरविंद केजरीवाल ने की कैबिनेट की पहली बैठक


नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रहे हैं. सीएम केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ पहली बैठक की. सभी विभागों के अध्यक्ष भी मौजूद रहे. बैठक में मुख्य रूप से केजरीवाल के गारंटी कार्ड की दस गारंटी को जल्द से जल्द लागू करने पर चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हर गांरटी से संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर प्लान बनाने का निर्देश दिया. एक हफ्ते में प्लान बनने के बाद सभी विभागों के सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ अलग-अलग मीटिंग होगी. इसमें एक-एक गारंटी कार्ड पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के साथ विस्तार से चर्चा होगी.

केजरीवाल ने अधिकारियों को खास तौर पर निर्देश दिया है कि एक-एक गारंटी को लागू करने की समय सीमा और बजट के बारे में विस्तार से योजना बनाई जाए. साथ ही ये भी शामिल किया जाए कि गारंटी कार्ड को कितने चरण और कितने समय में पूरा कर लिया जाएगा. गारंटी कार्ड को लागू करने में खर्च होने वाले पैसे को दिल्ली सरकार बजट में शामिल करेगी. दिल्ली सचिवालय में हुई इस बैठक में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव विजय कुमार देव समेत दिल्ली सरकार के सभी मंत्री मौजूद थे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा, "शपथ ग्रहण करने के बाद नई सरकार ने बड़ी तेजी से बिना एक मिनट बर्बाद किए कामकाज शुरू कर दिया है. मैं उम्मीद करता हूं कि पिछले पांच साल में जितना जबरदस्त तरीके से काम हुआ था, अगले पांच साल में उससे भी ज्यादा तेजी से काम होगा. सभी मंत्रियों ने अपना कार्यभार संभाल लिया है. एक दो मंत्रियों के पोर्टफोलियो में सिर्फ बदलाव हुआ है. बाकी सभी मंत्रियों को वही मंत्रालय मिले हैं, जिसे वो पिछली सरकार में देख रहे थे."

मीटिंग में हुई चर्चा पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने सभी विभागों के प्रमुखों को अपने विभाग से संबंधित गारंटी को लागू करने के लिए एक सप्ताह में एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया गया है. विभाग प्लान बनाएगा कि उस गारंटी को वो कितने महीने या साल में पूरा करेंगे और उसको पूरा करने में कितना खर्च आएगा. विभाग गारंटी कार्ड को पूरा करने के लिए जितना बजट मांगेगे, उसे विधानसभा में रखे जाने वाले बजट में शामिल किया जाएगा."

कैबिनेट की मीटिंग में विधानसभा सत्र को लेकर भी चर्चा हुई. 24 से 26 फरवरी तक विधानसभा सत्र बुलाया गया है. इसमें पहले दिन यानि 24 फरवरी को सभी चुने हुए प्रतिनिधी शपथ लेंगे. दूसरे दिन 25 फरवरी को उपराज्यपाल का भाषण होगा और आखिरी दिन यानि 26 फरवरी को उपराज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा.