G.NEWS 24 : नए संसद भवन के गज द्वार पर उपराष्ट्रपति ने फहराया तिरंगा

संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से...

नए संसद भवन के गज द्वार पर उपराष्ट्रपति ने फहराया तिरंगा

नए संसद भवन के गज द्वार पर आज तिरंगा फहराया गया है। संसद भवन की नई बिल्डिंग के गज द्वार पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तिरंगा फहराया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत तमाम नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि ये ध्वजारोहण समारोह सोमवार से शुरू होने वाले पांच दिवसीय संसद सत्र से एक दिन पहले किया गया है। इस सत्र में संसदीय कार्यवाही पुराने से नए भवन में ट्रांसफर की जा सकती है। बता दें कि पीएम मोदी ने 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। हालांकि इस मौके पर विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल नहीं हुए। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा था कि उन्हें इस समारोह का न्यौता देने में देरी की गई।

खरगे ने शनिवार को राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि खरगे को समारोह का न्यौता 15 सितंबर को देर शाम को मिला था। खरगे का कहना है कि वह 16-17 सितंबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भाग लेने के लिए हैदराबाद में हैं और रविवार की रात में दिल्ली लौटेंगे। संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में कैबिनेट मंत्रियों को नए संसद भवन में कमरों का बंटवारा किया जा चुका है। जिन मंत्रियों को कमरे मिले हैं, उसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, अर्जुन मुंडा, विदेश मंत्री एस जयशंकर, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी, अश्विनी वैष्णव शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, अमित शाह को अपर ग्राउंड फ्लोर पर कमरा नंबर जी-33, राजनाथ सिंह को जी-34, नितिन गडकरी को जी-31, पीयूष गोयल को जी-30, निर्मला सीतारमण को जी-12, एस जयशंकर को जी-10, धर्मेंद्र प्रधान को जी-41, स्मृति ईरानी को जी-8, नरेंद्र सिंह तोमर को जी-11, अश्विनी वैष्णव को जी-17 और अर्जुन मुंडा को नए संसद भवन में कमरा नंबर जी-9 आवंटित किया गया है। 

बता दें कि पुराने संसद भवन में इन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों का कार्यालय ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कमरों में था। सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्रियों को नए संसद भवन में फर्स्ट फ्लोर पर कार्यालय के लिए कमरे का आवंटन किया गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को फर्स्ट फ्लोर पर कमरा नंबर एफ-20, गिरिराज सिंह को एफ-36, गजेंद्र सिंह शेखावत को एफ-18, नारायण राणे को एफ-39, सर्बानंद सोनोवाल को एफ-38, वीरेंद्र कुमार को एफ-37, पशुपति पारस को एफ-19, किरेन रिजिजू को एफ-17 और आरके सिंह को नए संसद भवन के फर्स्ट फ्लोर पर कमरा नंबर एफ-16 का आवंटन किया गया है। (इनपुट: आईएएनएस से भी)

G.NEWS 24 : भारत से पंगा लिया तो तुम्हारे बच्चे अनाथ हो जाएंगे : केंद्रीय मंत्री

कश्मीर में चल रहे एनकाउंटर पर कहा कि...

भारत से पंगा लिया तो तुम्हारे बच्चे अनाथ हो जाएंगे : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कश्मीर के अनंतनाग में जारी एनकाउंटर पर दुश्मन देशों को इशारे-इशारे में बड़ी चेतावनी दी है. रविवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर अनंतनाग में मिलिट्री ऑपरेशन के एक पोस्ट को रिट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है, "भारत के कई दुश्मन हैं. ये हमें रोकना चाहते हैं. लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि भारतीय सेना अब अत्याधुनिक हाईटेक और घातक हथियारों से लैस है. इस बारे में कोई मिस्टेक न करें. इनसे नहीं उलझना ही समझदारी होगी. यह न्यू इंडिया है. भारत न डरेगा, न पीछे हटेगा." इसी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, "भारत ने वार देखा है और हम वार नहीं चाहते. 

लेकिन अगर आप भारत से युद्ध करते हैं तो आपके बच्चे अनाथ हो जाएंगे, उन्हें कोई और पालेगा. आपको बता दें कि कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग में पिछले 5 दिनों से आतंकियों के साथ इंडियन आर्मी की मुठभेड़ चल रही है. यहां जंगल के पहाड़ियों में सेना ने आतंकियों को घेर रखा है. सूत्रों ने बताया है कि रॉकेट लांचर और अन्य हैवी आर्म्स से हुए हमले में तीन आतंकियों को मार गिराया गया है. दो आतंकी अभी भी छिपे हुए हैं. इन्हें मार गिराने के लिए ऑपरेशन रविवार ( 18 सितंबर) को लगातार पांचवें दिन जारी है. इसी हफ्ते मंगलवार को अनंतनाग में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सेना ने इन्हें घेरकर ऑपरेशन शुरू किया था. 

बुधवार (14 सितंबर) को एनकाउंटर में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष ढोंचक और कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट्ट शहीद हो गए थे. शुक्रवार (16 सितंबर) को ऑपरेशन के दौरान एक और जवान के शहीद होने की सूचना है. हालांकि जवान के बारे में पुलिस ने अभी पुख्ता जानकारी नहीं दी है. भारत में G20 की सफलता के बाद बौखलाई पाकिस्तान आर्मी के निर्देश पर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रची गई थी. इधर भारतीय सेना भी खुफिया सूचना के आधार पर पहले से अलर्ट थी. इसी हफ्ते घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ पांच बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं.

G.NEWS 24 : सीएम शिवराज चुनाव में हार के भय से बौखला रहे हैं : कमलनाथ

जनता से कर रहे वायदों का कारोबार...

सीएम शिवराज चुनाव में हार के भय से बौखला रहे हैं : कमलनाथ

भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस-भाजपा में आरोपी-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ हर दिन सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल पूछ रहे हैं। कमलनाथ ने कहा है कि सीएम शिवराज चुनाव में हार के भय से बौखला रहे हैं। वे हर दिन प्रदेश की जनता से वायदों का कारोबार कर रहे हैं।

कमलनाथ ने ट्वीट कर सीएम शिवराज से पांच सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा है कि शिवराज सिर्फ महिलाओं, युवाओं और किसानों की भलाई का सिर्फ स्वांग कर रहे हैं । लेकिन प्रदेश की जनता सब समझ चुकी है। जनता आगामी विधानसभा चुनाव में उनसे पिछले 20 सालों का एक-एक पाई का हिसाब लेगी।

कमलनाथ ने शिवराज से पूछे ये पांच सवाल -

  • शिवराज जी, अगर आप महिलाओं के लिए इतनी बातें करते हैं तो आखिर क्यों बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को कई महीने से पेंशन नहीं मिली है ?
  • शिवराज जी, कांग्रेस सरकार में शुरू हुई किसानों की कर्ज माफी आखिर क्यों बंद कर दी ?
  • शिवराज जी, मप्र के लाखों किसानों को आपने डिफाल्टर क्यों बना दिया ?
  • शिवराज जी, हजारों अभ्यार्थी क्यों हर रोज अपनी मांगों के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ?
  • शिवराज जी, महिला कल्याण के इतने हितैषी हैं तो महंगाई को क्यों कम नहीं कर हैं ?

G.NEWS 24 : पृथ्वी के हाई एनर्जी इलेक्ट्रॉन चांद पर बना रहे हैं पानी !

चंद्रयान-1 के डेटा की स्टडी कर रहे साइंटिस्ट्स ने किया दावा...

पृथ्वी के हाई एनर्जी इलेक्ट्रॉन चांद पर बना रहे हैं पानी !

वॉशिंगटन। चंद्रयान-1 के डेटा की स्टडी कर रहे अमेरिका की हवाई यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि पृथ्वी के हाई एनर्जी इलेक्ट्रॉन चांद पर पानी बना रहे हैं। ये इलेक्ट्रॉन पृथ्वी की प्लाज्मा शीट में हैं, जो मौसमी प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार है, यानी इनके होने से ही पृथ्वी के मौसम में बदलाव होता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये इलेक्ट्रॉन चांद पर मौजूद चट्टानों और खनिजों को तोड़ या घोल रहे हैं। इससे चांद के मौसम में भी बदलाव आ रहा है। नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में पब्लिश स्टडी में कहा गया कि इन इलेक्ट्रॉन्स ने चांद पर पानी बनाने में मदद की होगी। इसके पहले 2008 में लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-1 मिशन ने चंद्रमा की सतह पर पानी की मौजूदगी का संकेत दिया था। उस मिशन की एक रिसर्च के आधार पर चांद पर बर्फ होने का दावा किया गया था। 

इसके बाद साइंटिस्ट्स ने अनुमान लगाया कि चांद के पोलर रीजन में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचने से वहां का तापमान -200 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो सकता है, जो बर्फ के फॉर्म में पानी की मौजूदगी की ओर इशारा करता है। इसलिए पानी की खोज के लिए 14 जुलाई 2023 को चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया। स्टडी के मुताबिक, प्रोटॉन जैसे हाई एनर्जी पार्टिकल्स से बनी सोलर विंड चंद्रमा की सतह पर बिखर जाती है, इस वजह से चंद्रमा पर पानी बन जाता है। साइंटिस्ट्स ने चंद्रमा के पृथ्वी के मैग्नेटोटेल से गुजरने के दौरान वहां के मौसम में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया। 

मैग्नेटोटेल पृथ्वी का ऐसा एरिया है, जहां सोलर विंड बिल्कुल नहीं पहुंचती, लेकिन सूरज की रोशनी पहुंचती है। साइंटिस्ट शुआई ली ने कहा- जब चांद मैग्नेटोटेल के बाहर होता है तो इसकी सतह पर सोलर विंड की बौछार होती है। वहीं, जब चांद मैग्नेटोटेल के अंदर होता है तो सतह पर सोलर विंड नहीं पहुंचती, इस वजह से पानी बनने की संभावना होती है। स्टडी में यह भी कहा गया कि पृथ्वी के मैग्नेटोटेल में इलेक्ट्रॉन्स वाली प्लाज्मा शीट होती है। आसान शब्दों में चांद पर 14 दिन तक रात और 14 दिन तक उजाला रहता है। यानी 14 दिन ही यहां पर सूरज की रोशनी होती है। जब यहां सूरज की रोशनी नहीं होती तो सोलर विंड की बौछार होती है।

 इसी दौरान पानी बनने का दावा किया गया है। इसरो ने 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1 का सफल लॉन्च किया था। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बना था। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किए गए चंद्रयान-1 में भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और बुल्गारिया में बने 11 साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स लगे थे। वैसे तो यह मिशन दो साल का था, लेकिन जब इसने अपने उद्देश्य पूरे कर लिए तो चांद के गुरुत्वाकर्षण बल से जुड़ा डेटा जुटाने के लिए सतह से इसकी ऊंचाई 100 किमी से बढ़ाकर 200 किमी की गई थी। इसी दौरान 29 अगस्त 2009 को इससे रेडियो संपर्क टूट गया। तब तक इसने चांद की रासायनिक, मिनरलॉजिक और फोटो-जियोलॉजिकल मैपिंग कर ली थी।

G.NEWS 24 : लाड़ली बहना आवास के लिए आवेदन आज से

कई अहम प्रस्तावों को मिली कैबिनेट की मंजूरी...

लाड़ली बहना आवास के लिए आवेदन आज से

भोपाल। प्रदेश सरकार पीएम आवास योजना से वंचित रह गए गरीबों के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना शुरू करने जा रही है। इसकी आवेदन प्रक्रिया 17 सितंबर यानी कल से शुरू होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सीएम आवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक से पहले इस योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जन आवास योजना जिसका नाम लाड़ली बहना आवास योजना करना प्रस्तावित है, प्रदेश की उन बहनों के लिए वरदान होगी, जिनका अपना मकान नहीं है। जो हितग्राही बहनें प्रधानमंत्री आवास योजना और आवास प्लस से वंचित हैं उन्हें कम समय में अपना आवास मिल जाए इस उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की जा रही है। 

प्रदेश में 17 सितंबर से बहनों से आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे।आवेदन पत्रों की जांच के पश्चात सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंत्रिगण जिलों में योजना के क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों को देखेंगे और अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा बहनों से आवेदन पत्र भरवाये जाने की कार्य की समीक्षा भी करेंगे। कैबिनेट बैठक के दौरान उज्ज्वला योजना व लाड़ली बहना योजना के हितग्राही महिलाओं को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर देने, अतिथि विद्वानों, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में किसान मित्र योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत किसानों को 200 मीटर तक की दूरी के लिए स्थाई कनेक्शन के लिए आधी राशि देनी पड़ेगी। बाकी आधी राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार और 10 प्रतिशत हिस्सा वितरण कंपनी की ओर से दिया जाएगा। इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शासकीय कालेजों में कार्यरत अतिथि विद्वानों को 50 हजार रुपए तक मासिक मानेदय देने के तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 6500 से बढकर 7250, सहायिकाओं को मानदेय 5750 से बढ़ाकर 6000 रुपये के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी -

  • मुरैना में नए मेडिकल कालेज खोला जाएगा।
  • भारत सरकार की सौर ऊर्जा पार्क परियोजना के तहत हाईब्रिड पार्क विकसित किए जाएंगे।
  • नगरीय प्रशासन विभाग में ऑटोमैटिक बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम।
  • 10 नए सीएम राइज स्कूलों के लिए 330 करोड़ की स्वीकृति।
  • जिला उद्योग और नवीनीकरण के लिए 27 करोड़।
  • ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति का काम अंतिम चरण में है। परिसर के समग्र विकास के लिए 1535 करोड़ की स्वीकृति।
  • जनजातीय कार्य विभाग में तकनीकी पदों का पुर्नगठन और नवीन पदों का सृजन और कुछ पद खत्म करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी।

G.NEWS 24 : नशे की हालत में युवती ने बीच सड़क पर जमकर मचाया उत्पात

सड़क से गुजर रहे लोगों के साथ मारपीट करने लगी...

नशे की हालत में युवती ने बीच सड़क पर जमकर मचाया उत्पात

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक युवती ने नशे में जमकर हंगामा किया है। नशे की हालत में कभी खुद से जमीन पर गिर रही थी तो कभी सड़क से गुजर रहे लोगों के साथ मारपीट करने लगी युवती ने सड़क से गुजर रहे वाहनों को भी रोका और लोगों के साथ मारपीट की है।

इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है। यह वीडियो शनिवार की सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें युवती जमकर उत्पात मचाती हुई और हंगामा करती हुई दिखाई दे रही है युवती ने जैसे ही पुलिस को देखा तो वह पुलिस के वाहन से भी तोड़फोड़ करने लगी पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती को काबू में किया।

पुलिस अपने साथ युवती को थाने ले गई लेकिन युवती के परिजन उसको घर ले गए हैं। इस मामले में अभी किसी ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है युवती सागर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी की रहने वाली बताई जा रही है ।

G.NEWS 24 : रेलवे ने 168 चूहों को पकड़ने के लिए खर्च कर दिए 69 लाख !

RTI एक्टिविस्ट ने मांगी थी जानकारी...

रेलवे ने 168 चूहों को पकड़ने के लिए खर्च कर दिए 69 लाख !

उत्तर रेलवे की लखनऊ डिवीजन ने पिछले तीन सालों में एक चूहा पकड़ने के लिए खर्च किए ₹41 हजार। पिछले तीन सालों में 69.50 लाख़ खर्च कर पकड़े 168 चूहे। चूहे पकड़ने के लिए रेल्वे ने हर साल 23.36 लाख़ खर्च किए। 2022 में 58 हज़ार में पकड़ा गया एक चूहा।

  • 2020 - 83 [27.9 हज़ार एक चूहा]
  • 2021 - 45 [51 हज़ार एक चूहा ]
  • 2022 - 40 [58 हज़ार एक चूहा]

हालांकि इसके बाद भी चूहों ने पार्सल विभाग साहित अलग-अलग विभागों में लाखों का नुकसान किया। मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले के RTI एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर के सावल पर रेलवे ने दिया जवाब। दरअसल, नीमच के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने चूहा पकड़ने के लिए रेलवे द्वारा खर्च की गई धनराशि की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी. जिसमें यह बड़ी जानकारी निकल कर सामने आई. 

बता दें कि उत्तर रेलवे में 5 मंडल हैं : दिल्ली, अंबाला, लखनऊ, फिरोजपुर और मुरादाबाद। इन सभी मंडलों ने चूहा पकड़ने पर हुए खर्च की जानकारी दी. इसी क्रम में रेलवे के लखनऊ मंडल ने भी यह जानकारी दी. हालांकि लखनऊ मंडल रेलवे के पास इस यह जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है कि चूहों की वजह से कितना नुकसान हुआ. लेकिन 69 लाख रुपये खर्च कर महज 168 चूहों को पकड़ने वाली रेलवे की बात पर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं.