G News 24 : नेहा बोरा ने दिल्ली HC में कहा, 'Regime Change करने की मांग गलत नहीं'

 कोर्ट में हुई तीखी कानूनी बहस,नेहा बोरा का आज होगा फैसला...

नेहा बोरा ने दिल्ली HC में कहा, 'Regime Change करने की मांग गलत नहीं'

नेता नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को तीखी बहस हुई। नेहा बोरा ने कहा, रिजीम चेंज की मांग गलत नहीं है। आज इस मामले में कोर्ट फैसला सुनाने वाला है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा )की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान, दिल्ली उच्च न्यायालय में लोकतांत्रिक असहमति की सीमाओं को लेकर तीखी कानूनी बहस हुई। दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती देते हुए, जिसमें उन्हें दस हजार रुपये का 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने का मुचलका) भरने का निर्देश दिया गया था, बोरा के वकील ने तर्क दिया कि एक जीवंत लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करना पूरी तरह से कानूनी है। इस सुनवाई के दौरान संवैधानिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी किए गए एहतियातन कानूनी नोटिसों की वैधता पर लंबी बहस हुई।

संवैधानिक अधिकारों को लेकर कोर्ट में तीखी बहस...

छात्र नेता की ओर से पेश होते हुए, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि राजनीतिक बदलाव की मांग करना या सरकार के प्रति असंतोष जताना, संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों के दायरे में आता है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि शांतिपूर्ण सभाएं और सार्वजनिक प्रदर्शन, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज फहराना भी शामिल है, कोई गैर-कानूनी काम नहीं हैं, जिनके लिए शांति बनाए रखने हेतु किसी तरह के 'पीस बॉन्ड' (मुचलके) की आवश्यकता हो।

कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा...

इन दलीलों का जवाब देते हुए, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने तर्क दिया कि संवैधानिक व्यवस्था में सत्ता परिवर्तन केवल चुनावी प्रक्रिया के ज़रिए होना चाहिए, न कि सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाकर। 

कानून लागू करने वाली एजेंसियों का कहना है कि मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों में निषेधाज्ञा के बार-बार उल्लंघन की समीक्षा करने के बाद ही यह नोटिस जारी किया गया था।कोर्ट ने 'कलंक' (स्टिग्मा) से जुड़ी चिंताएं जताईं; आदेश सुरक्षित रखा गया। कोर्ट आज इस मामले में अपना फैसला सुना सकता है।

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