G News 24: घुटने के हर दर्द में सर्जरी जरूरी नहीं : डॉ. राजू वैश्य

 इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल ने ग्वालियर में शुरू की विशेष ऑर्थोपेडिक ओपीडी सेवा !

घुटने के हर दर्द में सर्जरी जरूरी नहीं : डॉ. राजू वैश्य

ग्वालियर। ग्वालियर और आसपास के जिलों के हड्डी एवं जोड़ संबंधी रोगियों को अब अत्याधुनिक उपचार के लिए दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली ने सहारा हॉस्पिटल, ग्वालियर के सहयोग से नियमित विशेष ऑर्थोपेडिक आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) की शुरुआत की है।

इस विशेष ओपीडी में प्रत्येक माह के चौथे रविवार को इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. (प्रो.) राजू वैश्य मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श देंगे। इस पहल से ग्वालियर संभाग के मरीजों को विश्वस्तरीय ऑर्थोपेडिक सेवाएं अपने शहर में ही उपलब्ध हो सकेंगी।

देश के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) राजू वैश्य ने अपने नवीनतम अंतरराष्ट्रीय शोध के आधार पर कहा है कि घुटने के हर दर्द या गठिया के मरीज को सर्जरी अथवा नी रिप्लेसमेंट की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनका शोध प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डेटाबेस PubMed में प्रकाशित हुआ है, जिसमें घुटनों के दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस के साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) उपचार पर विशेष जोर दिया गया है।

डॉ. वैश्य के अनुसार अधिकांश मरीजों का इलाज दवाइयों, वजन नियंत्रण, फिजियोथेरेपी, नियमित व्यायाम, जीवनशैली में बदलाव तथा अन्य गैर-सर्जिकल उपायों से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। केवल उन्हीं मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिनमें दर्द अत्यधिक हो, दैनिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हों तथा अन्य सभी उपचार असफल हो चुके हों।

डॉ. वैश्य ने कहा कि उनका शोध "Right Treatment for the Right Patient at the Right Time" की अवधारणा को मजबूत करता है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक मरीज को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सही समय पर उचित और वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराना है।

डॉ. राजू वैश्य ने बताया कि वे आर्थ्रोस्कोपी, रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, कॉम्प्लेक्स हिप एवं नी सर्जरी, ऑस्टियोआर्थराइटिस, स्पोर्ट्स इंजरी, लिगामेंट एवं मेनिस्कस इंजरी तथा शोल्डर डिसऑर्डर के उपचार में विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सही जांच और वैज्ञानिक उपचार से अधिकांश मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। आधुनिक मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के कारण ऑपरेशन के बाद मरीजों की रिकवरी तेज हुई है तथा लंबे समय के परिणाम भी बेहतर मिल रहे हैं। ग्वालियर में शुरू हुई यह ओपीडी मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली में उपचार की निरंतर सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।

डॉ. वैश्य ने कहा कि घुटनों के दर्द को बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में दवाइयों, फिजियोथेरेपी, व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से कई मरीजों को राहत मिल सकती है, जबकि गंभीर मामलों में ही जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है।

इस अवसर पर सहारा हॉस्पिटल, ग्वालियर के चेयरमैन डॉ. ए.एस. भल्ला ने कहा कि बड़े शहरों तक पहुंचने में होने वाली असुविधा को देखते हुए यह साझेदारी ग्वालियर के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। इससे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय और उन्नत उपचार सुविधाएं अपने ही शहर में मिल सकेंगी।

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