G NEWS 24 : अब कभी भी बज सकता है MPCCI के चुनावों का बिगुल !

व्यापारी हित में याद रखा जायेगा टीम का कार्यकाल...

अब कभी भी बज सकता है MPCCI के चुनावों का बिगुल !

ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के चुनावों का बिगुल अब कभी भी बज सकता है। कल 18 जनवरी को चेंबर के पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो जायेगा। चेंबर में अभी तक 3450 के लगभग सदस्य हैं, जो 31 मार्च 2026 की सूची के हिसाब से वोट करने की पात्रता रखेंगे। कुल मिलाकर चेंबर का बीते तीन वर्ष का कार्यकाल बेहतर ही कहा जायेगा। अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल की अगुआई में चेंबर पदाधिकारियों ने व्यापार हित में उल्लेखनीय कार्य किया और कई ज्वलंत मुददों पर व्यापारी वर्ग व समाज हित में काम भी किये। 

अभी यहां बता दें कि चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के चुनाव के लिये अभी तीन माह का वक्त पदाधिकारियों को और मिलेगा। जैसे 31 मार्च की सदस्यता सूची के बाद 18 अप्रैल तक चुनाव कराये जा सकते है। यदि कोई टेक्नीकल दिक्कत रही तो चेंबर के चुनाव कार्यकारिणी एक मत से तीन माह और चुनाव आगे बढ़ा सकती है। हालांकि यहां बता दें कि चेंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी व कार्यकारिणी चेंबर चुनावों को तैयार है। वह 18 अप्रैल को भी चुनाव करा सकते हैं। चेंबर के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने चेंबर सदस्यता सूची पूरी अपडेट कर ली है और सदस्यता शुल्क को लेकर चल रहे विवाद भी काफी हद तक निपटा लिये हैं।

अभी की चेंबर टीम में क्रियेटिव और व्हाईट हाउस के 3-3 पदाधिकारी थे। यह बात स्पष्ट है कि दोनों हाउस एक दूसरे के धुर विरोधी हैं। लेकिन चेंबर में अलग अलग हाउस से जीते इन पदाधिकारियों ने सामूहिक एकजुटता से काम किया और व्यापारी हित में रात 12 बजे भी जरूरत पड़ी तो सबसे आगे रहे। क्वालिटी रेस्टोरेंट का विवाद तो आपको याद ही होगा। मंत्री से विवाद के बाद भी चेंबर के पदाधिकारी अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल के नेतृत्व में सबसे आगे खड़े रहे। इस बार टीम व्हाईट हाउस चेंबर के अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल, सचिव दीपक अग्रवाल, सहसचिव पवन अग्रवाल चुनाव जीते थे। 

वहीं क्रियेटिव हाउस से संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता, उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल चुनाव जीते थे। चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज की वर्तमान टीम में मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल की भूमिका की सराहना करनी होगी। जिन्होंने नियमित अपना कामकाज छोड़कर चेंबर में सुबह 10 बजे से सायं 6.30 बजे तक पूरा समय दिया और चेंबर के प्रत्येक कार्य में चेंबर व व्यापारी हित को प्राथमिकता दी। चेंबर के सदस्यों की सूची व उनकी मेंबरशिप भी अपडेट करने का महत्वपूर्ण काम किया। वहीं पूरे चेंबर का कामकाज कम्प्यूटरीकरण पर ले आये। 

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