सालभर के आर्थिक विकास का होता है लेखा-जोखा…

बजट सत्र की शुरुआत के साथ आज संसद में पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे

 

नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज यानी 31 जनवरी को शुरू हो रहा है। संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में संबोधन के साथ इसकी शुरुआत होगी। सत्र शुरू होने के बाद वित् मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 पेश करेंगी। इसके बाद कल यानी 1 फरवरी को वित्त मंत्री संसद में आम बजट पेश करेंगी। इससे पहले ये जानना जरूरी है कि इकोनॉमिक सर्वे क्या होता है और इसे बजट से पहले क्यों पेश किया जाता है ? आपको बता दें कि इकोनॉमिक सर्वे एक साल में देश के आर्थिक विकास का लेखा-जोखा होता है।

जिसके आधार पर यह अंदाजा लगाया जाता है कि पिछले एक साल से अंदर देश की अर्थव्यवस्था किस तरह की रही। किन मोर्चों पर फायदा मिला और कहां नुकसान हुआ। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इकोनॉमिक सर्वे पिछले एक साल के अंदर देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करता है। पहली बार देश का इकोनॉमिक सर्वे  1950-51 में पेश किया गया था। 1964 से वित्त मंत्रालय बजट से एक दिन पहले सर्वे जारी करता रहा है। इस रिपोर्ट को डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स यानी DEA की तरफ से तैयार किया जाता है। इसी इकोनॉमिक सर्वे के आधार पर ये तय किया जाता है कि आने वाले साल में अर्थव्यवस्था के अंदर किस तरह की संभावनाएं हैं।

खास बात यह है कि इस सर्वे के आधार पर सरकार को सुझाव भी दिए जाते हैं। लेकिन इन्हें लागू करना है या नहीं करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। यही वजह है कि इकोनॉमिक सर्वे बजट के ठीक पहले संसद में पेश किया जाता है। बजट सत्र से ठीक पहले सरकार ने शुक्रवार यानी 28 जनवरी को डॉ. वी.अनंत नागेश्वरन को चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर नियुक्त किया गया। वित्त मंत्री के संसद में आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट पेश करने के बाद डॉ. नागेश्वरन इकोनॉमिक सर्वे पर 31 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश करने के बाद CEA की प्रेस वार्ता होगी।