मध्यप्रदेश के एक जिले में

कलेक्टर ने रोकी खुद की 1 महीने की सैलरी

 

जबलपुर।  मध्य प्रदेश के एक कलेक्टर इन दिनों काफी चर्चा में हैं। जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से आई शिकायतों का निराकरण ना होने पर खुद के साथ अपने कई अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दे दिया। कलेक्टर शर्मा ने खुद फेसबुक पर अपने आधिकारिक पेज पर इसकी जानकारी भी सार्वजनिक कर दी। जबलपुर कलेक्टर ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, ’सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में आशानुकूल निराकरण होने पर कलेक्टर ने स्वयं के वेतन के साथ अधिकारियों का रोका इस महीने का वेतन, जब तक निराकरण में तेजी आए रुका रहेगा वेतन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों में आशानुकूल निराकरण ना होने पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने खुद इस महीने के वेतन नहीं निकालने के निर्देश दिए।

साथ कहा कि वे सभी जिलाधिकारी जिनके सीएम हेल्पलाइन में ज्यादा प्रकरण हैं, उन सबकी एक-एक वेतन वृद्धि रोकी जाए। उन्होंने ट्रेजरी ऑफीसर को निर्देश दिया कि 100 दिन से अधिक के प्रकरण जिन अधिकारियों के लंबित हैं, उन सभी के वेतन इस माह का आहरित नहीं करें। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने स्वच्छता और सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर नगर निगम के सभी उपायुक्तों के वेतन रोकने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर संबंधित तहसीलदारों के एक- एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। वहीं डिस्ट्रिक्ट मार्केटिंग ऑफिसर की अनुपस्थित पर उन्हें शोकॉज नोटिस देने के निर्देश दिए।

इतना ही नहीं प्रकरणों के निराकरण में उदासीनता पर पीआईयू के कार्यपालन यंत्री के वेतन वृद्धि रोकने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन या समाधान ऑनलाइन के प्रकरण सभी का निराकरण समय सीमा में करें। इसके साथ ही अन्य विभागीय लंबित पत्रों का निराकरण भी समय सीमा में सुनिश्चित करें। दरअसल, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत में लंबित शासकीय पत्रों और प्रकरणों  की समीक्षा रखी गई थी। इस दौरान अपर कलेक्टर शेर सिंह मीणा, विमलेश सिंह सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।