आक्रोशित होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला…

MP के सभी परिवहन विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर

ग्वालियर। बुधवार को मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। इस असर ग्वालियर में देखने को मिला। परिवहन आयुक्त सूना पड़ा था। आरटीओ कार्यालय में अन्दर से बाहर से तक सन्नाटा छाया था। न तो कर्मचारी और अधिकारी काम पर मौजूद नहीं थे। इस वजह से लायसेंस बनवाने के लिये आने वाले परेशान दिखाई दिये। प्रदेश स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की बात चल रही है। संभावना है कि रात तक हड़ताल टूट सकती है। बुधवार को जब लोग सिरोल स्थित आरटीओ कार्यालय में पहुंचे तो सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां संचालित लायसेंस शाखा, फिटनेस, न्यू रजिस्ट्रेशन सेल और परमिट शाखा सेक्शन में सभी कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। जिन लोगों को लर्निंग से परमानेंट लायसेंस के लिये बुधवार 7 अप्रैल की तारीख दी गयी थी। 

वह परेशान हो रहे थे। उनका कहना था कि अब एक बार तारीख निकल जायेगी तो आगामी तारीख कम मिलेगी इसका पता नहीं। एक युवक तो ऐसा था कि जिसकी बुधवार को लर्निंग लायसेंस की अवधि 6 माह पूरी हो जायेगी। इसके बाद उसका लर्निंग लायसेंस से परमानेंट लायसेंस नहीं बन पायेगा। उसे वापिस लर्निंग लायसेंस बनवाना होगा। यही हाल कुछ फिटनेस शाखा में था। यहां सामान्य दिनों में पैर रखने के लिये जगह नहीं थी। परिवहन अधिकारी संगठन के प्रदेश पदाधिकारी जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने बतायाए अधिकारियों व कर्मचारियों पर शासन के आदेश व परिवहन विभाग के अधिनियम को दरकिनार करते हुए केस दर्ज किए जा रहे है। हाल में त्ज्व् टीकमगढ़ए त्ज्व् रायसेन व रिटायर्ड डिप्टी कमिशनर के खिलाफ थ्प्त् दर्ज की गई है। 

किसी भी लोकसेवक के द्वारा शासकीय कृत्य या कर्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिशों के संबंध में अपराध की जांच या पूछताछ पुलिस अधिकारी द्वारा राज्य शासन की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती।अन्य मांगों में लिपिक संवर्ग को पुलिस विभाग की तरह पदोन्नति दी जाएए परिवहन उपनिरीक्षक पद की परीक्षा कराई जाएए पुलिस विभाग के लिपिक कर्मचारियों की तरह परिवहन में भी भर्ती की की मान्यता दी जाने संबंधित मांगों को वर्षो से पूरा न करने के कारण अफसर और कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं। परिवहन विभाग में जल्द काम पर लौटेंगे अधिकारी-कर्मचारी जिन मुद्दों को लेकर हड़ताल की जा रही है उन मुद्दों पर संगठनों पर चर्चा हो चुकी है और कर्मचारियों की बर्दी, वेतनमान में विसंगति, आयु की छूट देकर परीक्षा के मामले में शासन को प्रस्ताव भेज दिये गये हैं जल्द इन पर फैसला हो जायेगा।