कल की हृदय विदारक घटना जो सीधी में हुई...

कल की हृदय विदारक घटना जो सीधी में हुई उससे हमारा मन बहुत विचलित, द्रवित, व्यथित एवं दुखित है, प्रकृति के नियम के अनुसार मृत्यु का स्थान निश्चित है, मानव जीवन है घटनाएं तो होती रहती है लेकिन इस तरह की घटनाएं अंतरात्मा को झकझोर देती है, जहां लाशों का ढेर लग गया, जहां इकट्ठा लोगों एवं परिवार जनों की चीख पुकार महसूस कर एवं महसूस कर  जिंदगी 0 सी लगती है. जहां आधा सैकड़ा लोग कितनी असहनीय पीड़ा के साथ असमय काल के गाल में समा गए, एहसास करने पर अंतरात्मा कांप उठती है। वाह रे मानव जीवन प्रकृति का क्या-क्या नियम है. ईश्वर के न्याय के आगे मानव बेबस है उसका न्याय सर्वोपरि है। 

परंतु उक्त घटित घटना के कुछ कारण भी हो सकते हैं  अनियंत्रित बस की तेज रफ्तार का चलना, तेल के दामों में क्षमता से अधिक वृद्धि के कारण बसों में अधिक से अधिक सवारियों का भरना, नंबर एवं टाइमिंग लेने की जल्दबाजी, सरकारी तंत्र की निष्क्रियता जहां समय-समय पर चेकिंग ना करना, सकरी एवं खराब सड़कें, एवं सड़कों में अतिक्रमण, आरटीओ के अधिकारियों  कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करना, विचारणीय प्रश्न- जिस गाड़ी का एक निश्चित किलोमीटर का रन हो। वह गाड़ी एक निश्चित किलोमीटर से ज्यादा कैसे रन कर सकती है। 

यह अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है❓ मिली जानकारी के अनुसार जब परमिट के हिसाब से गाड़ी के आने जाने का  रूट तय था तब दूसरे रूट से गाड़ी को जाने की अनुमति किसने दी यह भी सवाल अनुउत्तर है❓इस पूरी हृदय विदारक घटना के पीछे क्या हमारा सरकारी तंत्र भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है। फिलहाल कुछ भी हो जिसने भी यह घटना सुनी एवं देखी उसका मन द्रवित एवं विचलित है। ईश्वर मृत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दे परिवार को इस हृदय विदारक घटना के लिए सहन शक्ति प्रदान करें.ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। 

बी.पी.सिंह

वरिष्ठ अधिवक्ता