सहरिया क्रांति के हस्तक्षेप पर पुलिस ने दर्ज किया मामला...

दबंगों के डर से घर छोड़ने पर मजबूर सहारिया

शिवपुरी। नववर्ष के शुभारम्भ के साथ ही शिवपुरी जिले में गरीब आदिवासियोंं के ऊपर अत्याचारों का जो सिलसिला शुरू हुआ वह थमता दिखाई नहीं दे रहा है। आज फिर कोलारस के बेड़ारी गांव में शराब के नशे के चूर दबंग यादवों ने आदिवासियों पर इस कारण हमला कर दिया क्योंकि उन्होंने एक तो शराब ने पीने का संकल्प लिया, दूसरा कम पैसों में मजदूरी पर जाने से इंकार कर दिया। सहरिया क्रांति के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आज मामला कायम कर लिया है लेकिन अभी तक कोई भी आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सका है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बेड़ारी में सहरिया आदिवासियों ने कम पैसों में मजदूरी करने से दबंग द्वारिका यादव के जाने से इंकार कर दिया था साथ ही सहरिया क्रांति के पथ पर चलने का संकल्प लेकर शराब जैसे व्यसन को भी त्यागने की सौगंध उठा ली। बृजेश आदिवासी ने बताया कि द्वारिका यादव पास ही फॉरेस्ट की जमीन में अवैध कच्ची शराब बनाकर आदिवासी बस्ती में पहुंचाता है जिसे पीकर कई सहरिया नौजवान असमय काल के गाल में समा चुके हैं और शराब न पीने का संकल्प दिलाने वालों को द्वारिका अपने धंधे का दुश्मन मानता है। 

इसी बात से आज रात्रि द्वारिका यादव ने अपने साथी कन्हैया यादव, फूल सिंह यादव व अन्य साथियों के साथ आदिवासी बस्ती पर हमला बोल दिया। हाथ में लाठी, डण्डे व कट्टा लहराते हुए उन्होंने बस्ती में जो मिला उसे पीटना शुरू कर दिया। इनके हमले में बृजेश आदिवासी, पार्वती आदिवासी और रामवती सहित लगभग आधा दर्जन सहरिया आदिवासी घायल हो गए और बमुश्किल से इनके चंगुल से जान बचाकर रात में ही पैदल पैदल शिवपुरी आ पहुंचे। इन दबंगों ने गांव में हीरालाल आदिवासी की दुकान तहस नहस कर तोड़ डाली वहीं धर्मजीत आदिवासी के ट्रेक्टर की लाइट व स्टेयरिंग तोड़ दी। 

आदिवासियों ने रात्रि को ही डायल 100 पर कॉल किया और थाने को भी सूचना दी लेकिन कोई कार्यवाही न होता देख पीडि़त रात को ही सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बेचैन के निवास पर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने इस घटनाक्रम के बारे में उन्हें अवगत कराया जिस पर संजय बेचैन ने थाना प्रभारी कोलारस संजय मिश्रा को पूरा मामला बताकर कार्यवाही की मांग की जिस पर उन्होंने आरोपी द्वारिका यादव, फूलसिंह यादव, कन्हैया यादव के विरुद्ध धारा 323, 294, 506, 427, 34 भादिव एवं अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा 3(1), द व 3(1) ध, 3(2)व्हीए के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। अभी तक कोई भी आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहंी आया है।