‘‘स्वच्छ ग्वालियर, सुंदर ग्वालियर, हरा भरा ग्वालियर एवं आत्मनिर्भर ग्वालियर’’  !

निगम प्रशासक एवं निगमायुक्त ने प्रस्तुत किया 13,88,29,43,000 का निगम बजट


ग्वालियर। नगर निगम प्रशासक आशीष सक्सैना एवं नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल द्वारा आज सोमवार को मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 97 के अंतर्गत नगर पालिक निगम ग्वालियर का वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिये बजट प्रस्तुत किया गया। बजट में ‘‘स्वच्छ ग्वालियर, सुंदर ग्वालियर, हरा भरा ग्वालियर एवं आत्मनिर्भर ग्वालियर’’ को मूर्त रूप दिये जाने हेतु बजट अनुसार योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 मंे प्रावधानित बजट अनुसार 3,27,000/- का शुद्ध लाभ अर्जन के उददेश्य से कुल 1388 करोड़ रू. का बजट प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता, अतेन्द्र सिंह गुर्जर, लेखाधिकारी रजनी शुक्ला, अधीक्षण यंत्री पीएचई आरएलएस मौर्य, अधीक्षण यंत्री जनकार्य जेपी पारा एवं सिटी प्लानर पवन सिंहल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नगर निगम प्रशासक आशीष सक्सैना एवं नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल द्वारा प्रस्तुत किए गए निगम बजट में 13,88,29,43,000/- (तेरह सौ अठासी करोड़, उन्तीस लाख तैंतालीस हजार) की प्रावधानित आय एवं 13,68,73,07,000/- (तेरह सौ अड़सठ करोड़, तेहत्तर लाख सात हजार) प्रावधानित व्यय बताया गया है। 

इसके साथ ही 19,53,08,400/- (उन्नीस करोड़, तिरेपन लाख, आठ हजार चार सौ) रक्षित निधि हेतु प्रावधान किया गया है जो कि राजस्व आय का 5 प्रतिशत है। इस प्रकार 3,27,600/- (तीन लाख सत्ताईस हजार छःसौ) के शुद्व आय वाला बजट प्रस्तुत किया गया। नगर निगम प्रशासक आशीष सक्सैना एवं नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल ने बताया कि शहर का सौंदर्यीकरण एवं विकास तभी पूर्ण हो सकता है जब नगर निगम की आय में बढोत्तरी होगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर ग्वालियर के लिए निगम की आय बढाने की नितांत आवश्यकता है, इस हेतु विभिन्न स्त्रोतों जैसे- संपत्तिकर, जलकर, होर्डिंग, अवैध कॉलोनी का वैधानिकरण आदि के माध्यम से नगर निगम की आय बढ़ाने के लिये विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसी के दृष्टिगत कोई भी नवीन कर अधिरोपित न करते हुये वित्तीय वर्ष 2022-23 में राशि रू. 369 करोड़ की प्राप्त किये जाकर २ाहर सौदर्यींकरण एवं विकास कार्य कराये जायेगें, साथ ही संपत्ति आई.डी. के डाटा क्लीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 107 करोड रुपए राज्य आय हुई है तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 में 170 करोड रुपए राज्य आय संभावित है और वित्तीय वर्ष (2022- 23) में राजस्व आय वसूली लक्ष्य 369 करोड रुपए रखा गया है।


निगम बजट के प्रमुख बिन्दु -

निगम के विभिन्न कार्यालयों में विद्युत बिलों की बचत के लिए ऊर्जा अक्षय ऑडिट किया जाएगा। इसके साथ बिजली बिल को कम करने के लिए कार्यालयों में सोलर ऊर्जा को प्रोत्साहन दिया जायेगा।

भू-जल स्तर को सुधारने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाकर 1500 कुंऐ/बावड़ियों का जीर्णोद्वार करने हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

जीपीएस सिस्टम इन्स्टॉलेशन के माध्यम से डीजल पर होने वाले व्यय में कमी की जायेगी।

ग्वालियर शहर की स्वच्छता व संुदरता के लिए शहर में होने वाले भवन निर्माण के द्वारा निकलने वाले मलबे व मटेरियल से पेवर ब्लॉक बनाने का कार्य भी बडे स्तर पर किया जाएगा।

प्रमुख मार्गों को सुगम यातायात हेतु बाधा रहित करते हुये 90 करोड़ रू. की नवीन सड़कों का निर्माण किया जायेगा। तथा सड़क मरम्मत व अनुरक्षण हेतु 37 करोड़ रू. का प्रावधान रखा गया।  50 किलोमीटर रोड डस्ट फ्री का लक्ष्य रखा गया है, एवं 15 करोड़ रू. के पेवर ब्लॉक लगाये जायेंगे।

निकाय की खुली भूमियों को सुरक्षित करने की दृष्टि से 5 करोड़ रू. की प्रीकास्ट बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कराया जायेगा।

ग्वालियर शहर में पेयजल की आपूर्ति हेतु चंबल नदी व कोतवाल बांध से अपर ककैटो, ककैटो-पेहसारी से तिघरा जलाशय में पानी लाये जाने हेतु अमृत योजना फेस-2 अंतर्गत कार्य कराया जायेगा।

निगम सीमा के उद्यानों को विकसित किये जाने हेतु 5 करोड़ रू. का प्रावधान किया गया है।

निगम गौशाला में गौवंश की वृद्धि होने से गौशाला संचालन हेतु 20 करो़ड़ का प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त गौशाला में गोबर निस्तारण हेतु पेट्रोलियम मंत्रालय भारत सरकार के विशेषज्ञों द्वारा गौशाला निरीक्षण उपरांत 32 करोड़ की लागत से 100 टीडीपी बायो सीएनजी प्लांट की स्थापना हेतु सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पोंसबिल्टीज) मद से कार्य कराये जाने बावत प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।

रैनबसेरों एवं दीनदयाल रसोई के संचालन हेतु राशि रू. 2 करोड़ प्रावधानित है।

फायर टेण्डर वाहन क्रय हेतु राशि रू. 5 करोड़ का प्रावधानित है।

स्वच्छता हेतु ठेले एवं डस्टबिन क्रय हेतु रू. 01 करोड़ का प्रावधान किया गया ।

स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत पुराने अपशिष्ट का निस्तारण हेतु प्लांट, मशीनरी एवं सी.एन.जी. प्लांट लगाया जाना है, जिसे हेतु राशि रू. 53 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बायोचलित शौचालय क्रय हेतु 01 करोड़ का प्रावधान किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के शेष कार्यो को पूर्ण किये जाने हेतु हितग्राहियों से प्राप्त राशि व्यय किये जाने हेतु रू. 200 करोड़ का लक्ष्य ।

पर्यावरण की दृष्टि से नगर निगम ग्वालियर द्वारा ई-व्हीकल/सी.एन.जी. के उपयोग को बढ़ावा दिये जाने हेतु 07 करोड़ का बजट प्रावधान एवं चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण हेतु 02 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।