एक सप्ताह में पूरी होंगी अधूरी तैयारी...

मुख्यमंत्री ने की घोषणा 15 से शुरू होगा मेला

ग्वालियर। कोरोना का संकट झेल चुके हजारों कारोबारियों के लिए सात फरवरी को मुख्यमंत्री का शहर आगमन शुभ समाचार लेकर आया। मेला न आयोजित होने की आशंका के चलते जिन व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी थी, वे अब खुशी से खिल उठे हैं। सीएम ने रविवार को मेला कार्यालय का शुभारंभ कर 15 फरवरी से मेला शुरू करने की घोषणा की। साथ ही मेले से खरीदे जाने वाले वाहनों को बीते दो साल की तरह इस साल भी 50 फीसदी छूट दिए जाने की घोषणा की। 

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, भारत सिंह कुशवाह, ओपीएस भदौरिया, पूर्व मंत्री इमरती देवी, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, मेला प्राधिकरण के सचिव एसएम श्रीवास्तव एवं मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, चैंबर के मानसेवी सचिव प्रवीण अग्रवाल आदि मौजूद रहे। 

मेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार मेला ग्वालियर की अद्भुत पहचान है। कैलाशवासी माधवराव सिंधिया ने वर्ष 1905 में मेला शुरू किया था। तब से अनवरत मेले का स्वरूप भव्य होता चला आ रहा है। हमारा संकल्प है कि ग्वालियर की पहचान इस मेले को और यशस्वी करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कोराना की मजबूरी थी, हम थोड़ा असमंजस में थे कि जनता को तकलीफ न हो जाए। शिवराज ने कहा कि मेले को और भी भव्य स्वरूप देने के लिए बाकी उपाय भी किए जाएं। 

कुछ नया न जोड़ पाए तो क्या मतलब है, जो होता था वो तो रहेगा ही। आरटीओ छूट को लेकर शिवराज ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर देखकर कहा- आप छूट क्या कुछ और भी मांगो तो होगा। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर का मेला 100 साल से अधिक वर्षों से लग रहा है। इस मेले की पूरे देश में अलग छवि व पहचान है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा था कि आरटीओ छूट के कारण राजस्व की हानि भी होती है। इस वाक्य को केंद्र में रखते हुए सिंधिया ने अपने उदबोधन में कहा कि खर्चा होता है, मगर आय भी बढ़ती है। छूट मिलने से मेला 100 करोड़ से 800 करोड़ के व्यापार पर पहुंच गया।