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G News 24 : किशनगंज के थानेदार के 5 ठिकानों पर EOU ने मारा छापा,1.70 करोड़ की अवैध के मिले प्रमाण !

 सिलीगुड़ी में आलीशान फ्लैट और पटना में जमीन... 

किशनगंज के थानेदार के 5 ठिकानों पर EOU ने मारा छापा,1.70 करोड़ की अवैध के मिले प्रमाण !

किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. छापेमारी के दौरान सिलीगुड़ी और पटना में जमीन के कागजात, बैंक खाते और सिलीगुड़ी में फ्लैट की जानकारी मिली है. जांच में उनके पास 1.70 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति होने का प्रमाण मिला है.

किशनगंज से बिहार पुलिस महकमे को हिला देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शिकंजा कस दिया है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई इस छापेमारी ने भ्रष्टाचार के बड़े खेल का खुलासा किया है.

आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने मंगलवार को किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के सरकारी आवास और थाना स्थित उनके कार्यालय में घंटों तक सघन तलाशी ली. इस कार्रवाई के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं. ईओयू के अनुसार, छापेमारी में चार बैंक खातों की जानकारी मिली है. इसके अलावा चार अलग-अलग जमीनों से संबंधित कागजात भी जब्त किए गए हैं. बताया जा रहा है कि ये जमीनें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और बिहार की राजधानी पटना जैसे महंगे इलाकों में हैं.

ईओयू के डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. जांच के दौरान सिलीगुड़ी में उनके नाम पर एक आलीशान फ्लैट होने की सूचना भी मिली है, जिसकी फिलहाल बारीकी से जांच चल रही है. ईओयू की प्राथमिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि अधिकारी के पास उनकी वैध आय से लगभग 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये अधिक की संपत्ति है. यह उनकी आय का लगभग 128 प्रतिशत अधिक हिस्सा है.

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अभिषेक रंजन ने मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थानों में अपनी तैनाती के दौरान काली कमाई से अचल संपत्ति का अंबार लगाया था. साल 2009 में अहियापुर थाना में ट्रेनी दरोगा के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले रंजन सिवाइपट्टी, ब्रह्मपुरा, बोचहां और मोतीपुर के थानाध्यक्ष भी रह चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन पदों पर रहते हुए उन्होंने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया और भारी अवैध कमाई की.

एक साथ पांच ठिकानों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस के गलियारे में हड़कंप मच गया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ ईओयू की इस कार्रवाई को एक बड़े कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है. ईओयू अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए यह बेनामी संपत्ति अर्जित की गई थी. फिलहाल, जब्त किए गए दस्तावेजों और बैंक खातों के लेनदेन की गहन जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार की पूरी तस्वीर साफ हो सके.

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