GNews 24 : नहीं टूटेगा पुराना मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट,अब निगम इस ऐतिहासिक धरोहर को करेगा संरक्षित !

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बचाने के लिए, यह मामला स्थानीय मीडिया ने प्रमुखता उठाया था ...

नहीं टूटेगा पुराना मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट,अब निगम इस ऐतिहासिक धरोहर को करेगा संरक्षित !

ग्वालियर। रियासत काल (98 साल) से शहरवासियों को तिघरा बांध का पानी उपलब्ध कराने वाला मोतीझील स्थित पुराना जल शोधन संयंत्र अब नहीं तोड़ा जाएगा। निगम ने शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। पार्षद अर्पणा पाटिल ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर संयंत्र को बचाने की मांग की। इसके बाद मामला यह मामला स्थानीय मीडिया ने प्रमुखता उठाया था। जिसके बाद यह नई दिल्ली तक पहुंचा। 

निगम अधिकारियों के अनुसार अब 75 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र पुराने परिसर के पास खाली पड़ी जमीन पर बनाया जाएगा। वर्तमान में यहां 68 एमएलडी क्षमता का संयंत्र संचालित है। नई योजना के तहत पुराने कर्मचारी आवासों को हटाकर नया संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

गौरतलब है कि स्टेट काल में बना यह 68 एमएलडी क्षमता का संयंत्र शहर की जल आपूर्ति की धुरी रहा है। केवल 7 एमएलडी क्षमता बढ़ाने के लिए इसे तोड़ने की तैयारी की गई थी, जिसे अमृत परियोजना-2 में स्वीकृति मिली थी। अब विरासत को सुरक्षित रखते हुए क्षमता विस्तार किया जाएगा।

ये है प्रोजेक्ट: कहां पर कितनी क्षमता का डब्ल्यूटीपी प्रस्तावित

  • स्थान – क्षमता (एमएलडी)                                 अनुमानित राशि
  • रमोआ – 45 एमएलडी                                        35.72 करोड़
  • तिघरा – 40 एमएलडी                                         32.15 करोड़
  • जलालपुर-2 – 32 एमएलडी                                12.97 करोड़
  • मोतीझील – 75 एमएलडी                                    24.93 करोड़

68 एमएलडी के बगल में बनेगा प्लांट...

मोतीझील के हेरिटेज प्लांट के पास से गुजरी सड़क के दूसरी तरफ नया प्लांट है। यह प्लांट 68 एमएलडी का है। यहां पर कैंपस के अंदर काफी जगह है। यहीं पर पीएचई के पुराने कर्मचारी आवास बने हैं। इन्हें तोड़कर नया 75 एमएलडी क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा।

नहीं तोड़ा जाएगा ओल्ड प्लांट, खाली जमीन का करेंगे उपयोग...

अब तय किया गया है कि मोतीझील के ओल्ड प्लांट की इमारत को नहीं तोड़ा जाएगा। इस प्लांट के नजदीक में सरकारी आवास बने हैं। उन्हें तोड़कर डब्ल्यूटीपी बनेगा-संघ प्रिय, आयुक्त निगम, ग्वालियर


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