हैंड्स ऑन फार्मिंग वर्कशॉप अमलतास फार्म एवं इको वेन्यू पनिहार ग्वालियर ...
"हमारे लिए भोजन उगाने में किसान कितनी मेहनत करता है",शहरी बच्चों को इसके बारे में समझाया !
ग्वालियर। "हमारे लिए भोजन उगाने में किसान कितनी मेहनत करता है इसका हमें पहले अंदाजा नहीं था।" यह अनुभव जेबीसीएन इंटरनेशनल स्कूल मुंबई के सातवीं कक्षा के 62 बच्चों ने अमलतास फार्म पर आयोजित एक मार्गदर्शित फार्म वर्कशॉप के बाद बताया। संस्थापक आशी गुप्ता द्वारा बनाए गए इस फार्म पर लगभग तीन घंटे के सत्र को एक गहन अनुभवात्मक सीख के रूप में तैयार किया गया था।
विद्यार्थियों ने बीज बोने से लेकर अन्न व सब्जी उनकी थाली तक पहुंचने की यात्रा को समझा। खेतों में पकी सरसों की फलियों को देखना उन्हें काटना और हाथ से मड़ाई या थैशिंग की प्रक्रिया को करना व समझना बच्चों के लिए विशेष रूप से रोचक रहा। बीजों से मसूर दाल बनाने के लिए पारंपरिक हाथ चक्की चलाने का अवसर बच्चों में स्पष्ट उत्साह और आनंद लेकर आया।
वर्कशॉप में खेत को एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया, जहाँ मिट्टी, पानी, धूप, पौधे, पशु-पक्षी और मनुष्य परस्पर निर्भर होकर कार्य करते हैं। विद्यार्थियों ने कम्पोस्टिंग की विभिन्न विधियों तथा लाभकारी कीटों जैसे केचुए और बीटल का अवलोकन किया और मिट्टी को पुनर्जीवित एवं स्वस्थ बनाए रखने में उनकी भूमिका को समझा।
जल संरक्षण के व्यावहारिक उपाय भी प्रदर्शित किए गए, जिनमें खेत के तालाबों के माध्यम से वर्षा, जल संचयन तथा बोरवेल रिचार्ज प्रणाली शामिल रही। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने देशी बीजों के महत्व, बीज संरक्षण की प्रक्रियाएं तथा खेत में जैव विविधता के महत्व को जाना। आशी की इस पहल ने विद्यार्थियों को खेती, भोजन और प्रकृति के आपसी संबंध को गहराई से समझने का अवसर दिया।
शिक्षकों ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक और आनंददायक बताते हुए कहा कि ऐसे अनुभव बच्चों को पुस्तकों से बाहर वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं। ऐसी फार्म वर्कशॉप सभी स्कूल व कॉलेज विद्यार्थियों के लिए अमूल्य अनुभव होगा।










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