G News24 : तालिबान ने पाकिस्तान पर ड्रोन स्ट्राइक कर उड़ाये पाक मिलिट्री बेस !

पाकिस्तान अब सदमे है,कि तालिबान के पास तो सिर्फ सुसाइड बॉम्बर थे, उसे ड्रोन किसने दे दिए ...

  तालिबान ने पाकिस्तान पर ड्रोन स्ट्राइक कर उड़ाये पाक मिलिट्री बेस !

तालिबान ने पाकिस्तान के आर्मी ठिकानों पर शुक्रवार को की गई ड्रोन स्ट्राइक का फुटेज जारी किया है। इसमें पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमला होते, धुएं का गुबार और आग की लपटों को साफ देखा जा सकता है। अफगानिस्तान ने ड्रोन हमलों से पाकिस्तान में जमकर तबाही मचाई है। तालिबान ने पाकिस्तान में कई मिलिट्री ठिकानों को सुसाइड ड्रोन के हमले से तबाह कर दिया है। अफगानिस्तान के तालिबान-नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी लक्ष्यों पर किए गए इन ड्रोन हमलों का फुटेज भी जारी किया है। इसमें पाकिस्तान के मिलिट्री ठिकानों पर स्ट्राइक होते साफ देखा जा सकता है। 

अटैक से घबराए पाकिस्तान ने लिया बड़ा फैसला

ऑपरेशन सिंदूर के समय हमने पाकिस्तान के ड्रोन अटैक देखे थे. भारत ने चुन-चुनकर सारे ड्रोन मार गिराए. उसे चीन और तुर्किये से मदद मिल रही थी. अब पाकिस्तान पर तालिबान ने ड्रोन अटैक किया है. जिस तरह का वीडियो सामने आया है उससे सवाल उठ रहे हैं कि तालिबान को ऐसे एडवांस्ड ड्रोन किसने दिए?

पाकिस्तान के सैन्य अड्डों पर तालिबान के ड्रोन अटैक का वीडियो गौर से देखिए. यह हूबहू यूक्रेन के ड्रोन अटैक का वीडियो दिखाई दे रहा है. अफगानिस्तान पर हुकूमत कर रहे तालिबान पर दुनिया के कई देशों ने बैन लगा रखा है. उनके पास पाकिस्तान की तरह कोई बड़ी आर्मी, नेवी या जंगी बेड़ा नहीं है फिर इतना मॉडर्न ड्रोन कहां से मिल गया? क्या किसी देश ने तालिबान को आत्मघाती ड्रोन दिए? अफगान सेना ने पाकिस्तान का एक प्लेन गिराने का भी दावा किया है. घबराकर पाकिस्तान ने पूरे देश में ड्रोन पर बैन लगा दिया. 

दरअसल, जब से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लड़ाई शुरू हुई है, लोगों में आम धारणा है कि तालिबान पाकिस्तान के सामने टिक नहीं पाएगा. अब ड्रोन अटैक ने सबको चौंका दिया. सवाल यह है कि तालिबान के पास ड्रोन कहां से आया? तालिबान नेविगेशन सिस्टम और छोटे गोला-बारूद पेलोड जैसी क्षमताओं वाले ड्रोन बनाने के लिए एडवांस्ड और तस्करी वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है. 

ब्लैक मार्केट और तस्करी ने बढ़ाई तालिबान की पावर 

कुछ समय पहले ब्रिटिश अखबार डेली मेल ने खबर दी थी कि तालिबान ने विदेशी हाई-टेक पार्ट्स और एडवांस्ड सिस्टम का इस्तेमाल कर अपनी ड्रोन क्षमता बेहतर कर ली है. तालिबान अपने ड्रोन के लिए ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल पार्ट्स दुनिया के ब्लैक मार्केट और स्मगलिंग नेटवर्क से खरीद रहा है. इसमें इलेक्ट्रिक मोटर, GPS मॉड्यूल, एडवांस्ड सेंसर और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं. 

ब्रिटेन के पुराने अड्डे पर तालिबान का नया टेस्ट

लोगार प्रांत के जिस बेस पर ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज का अड्डा दो दशकों तक बना रहा, तालिबान ने उसका इस्तेमाल कामकाजी ड्रोन बनाने के लिए किया है. पहली बार पश्चिमी देशों को जून 2025 में इसकी भनक लगी. अब उसका नतीजा देखने को मिल रहा है. तब खबर आई थी कि तालिबान ने सैकड़ों की संख्या में इंटरनेशनल एक्सपर्टों की भर्ती की है या उनकी मदद ली है. 

ड्रोन के पार्ट्स कहां से आए?

दावा किया गया है कि तालिबानी ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स ज्यादातर चीन, यूनाइटेड अरब अमीरात और कुछ यूरोपियन देशों से आए हैं. ये पार्ट्स सिविलियन हैं फिर भी तालिबान ड्रोन की मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए दोबारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं. 

तालिबानी ड्रोन की रेंज कितनी है?

एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस तालिबानी ड्रोन ठीक-ठाक ऊंचाई पर तेजी से उड़ सकते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि ये गुप्त रूप से निगरानी और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में सक्षम होंगे. इनकी ऑपरेशन रेंज ज्यादा नहीं मानी जा रही थी लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान में घुसकर तालिबानी ड्रोन अटैक हुए हैं, उससे पाक की धुकधुकी बढ़ गई. 

तालिबान के ड्रोन पाकिस्तान की सेना के लिए खतरा बन चुके हैं. तालिबान ऐसे इंजीनियर और टेक्नीशियन की मदद ले रहा है जिनका सेना या लड़ाकू समूहों से कनेक्शन रहा हो. ब्लैक मार्केट से होते हुए तालिबान के पास तकनीकी जानकारी और फिजिकल पार्ट्स दोनों पहुंच रहे हैं. 

तालिबान ने कहां-कहां ड्रोन अटैक किए

पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने बताया है कि अफगान ड्रोन अटैक एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में हुए हैं. खबर तो यह भी है कि इस्लामाबाद में पाक पीएम के ऑफिस से 5 किमी के दायरे में ड्रोन अटैक हुआ है. हालांकि पाकिस्तान ने दावा किया है कि एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें इंटरसेप्ट कर दिया. हालांकि अपुष्ट सोर्स से तालिबानी अटैक के जो वीडियो आए हैं उसमें बमबारी होती देखी जा सकती है. 

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