राजकोट की बस्तियों में बुलडोजर का महाएक्शन...
नदी के किनारे बनी अवैध बस्ती के 1,300 से ज्यादा घर चंद घंटों में 260 से ज्यादा मशीनों से ढहा दिए !
राजकोट में नगर निगम ने आजी नदी के किनारे बनी अवैध बस्तियों को ढहाने के लिए बड़ा अभियान चलाया. इस दौरान 1,300 से ज्यादा अवैध घरों को ढहाया गया. गुजरात के राजकोट में नगर निगम ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को आजी नदी के किनारे बनी अवैध बस्तियों को खाली करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया.
इस दौरान 1,300 से ज्यादा घरों को ध्वस्त किया गया. बता दें कि अवैध बस्तियों को हटाने के लिए राजकोट नगर निगम की ओर से चलाया गया यह अबतक का सबसे बड़ा अभियान था, जिसमें 2,500 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया.
अभियान से पहले जारी किए नोटिस
'HT' की रिपोर्ट के मुताबिक इस अभियान को लेकर डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर महेश जानी ने बताया कि अभियान के लिए तकरीबन 1,500 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें नदी किनारे स्थित लगभग 681 मकान शामिल थे. नगर निगम प्रमुख तुषार सुमेरा ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे तक RMC ने आजी नदी के किनारे स्थित लगभग 1,350 मकानों को ध्वस्त किया. अभियान को शांतिपूर्वक पूरा करने के लिए स्थानीय पुलिस, सर्विलांस टीम, ड्रोन सर्विलांस यूनिट, विशेष अभियान समूह के कर्मी, रैपिड रिस्पॉन्स टीम और स्टेट रिजर्व्ड पुलिस फोर्स वहां मौजूद थी.
विस्थापित परिवारों को मिलेगी जगह
महेश जानी ने कहा कि नगरपालिका अवैध बस्तियों को हटाने के लिए अटल है और विस्थापित परिवारों को आवास योजना के तहत जगह दी जाएगी. जानी ने कहा कि योजना के मुताबिक एक हफ्ते के अंदर वहां नई सड़क का निर्माण भी किया जाएगा. 'HT' के मुताबिक बहुमंजिला इमारतों और आलीशान बंगलों की मौजूदगी के चलते डिमॉलिशन में थोड़ा ज्यादा समय लग रहा है. इन्हें ढहाने के लिए इलाके को 7 जोन में बांटा गया. जानी ने कहा कि इस अभियान में क्लास-1 ऑफिसर्स और टेक्निकल टीमों को तैनात किया गया था.
कैसे चलाया जा रहा अभियान
रिपोर्ट के मुताबिक आलीशान बंगलों को ध्वस्त करने के लिए JCB, ट्रैक्टर, ब्रेकर और डंपर समेत 260 से ज्यादा मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके लिए 65 से ज्यादा अर्थ-एक्सकेवेटिंग मशीनें और अतिरिक्त-बड़े हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर तैनात किए गए हैं. डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर महेश जानी ने कहा कि डिमॉलिशन अब तक शांतिपूर्ण रहा है और इस अभियान के दौरान स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला है.










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