मकर संक्रांति पर्व पर कर लें सूर्याष्टक पाठ कई परेशानियां हो जाएंगी दूर...
आपके जीवन को मिलेगी उन्नति की राह, शरीर हो निरोगी, मकर संक्रांति पर सभी को शुभकामनाएं !
विशेष मौके पर यानी मकर संक्रांति पर्व या किसी भी रविवार को सूर्य देव को भोग लगाकर अगर सूर्याष्टक पाठ करें तो जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी. सूर्य देव इस संसार में एक प्रत्यक्ष देवता हैं और सभी ग्रहों के राजा हैं. सूर्यदेव की आराधना करने से जीवन की सभी परेशानियों का अंत होने लगता है. सूर्यदेव आत्मा, पिता और यश के कारक हैं जिनकी आराधना करने से शरीर आरोग्य, रहता है और घर में समृद्धि आती है.
पूजा अर्चना और अर्घ्य देने से कष्टों से मुक्ति मिलने लगती है और मान सम्मान बढ़ता है. रविवार के दिन या विशेष मौके पर यानी मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य देव की उपासना करने और सूर्याष्टकम का पाठ करने से पूरे जीवन पर सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है. सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी दुख दर्द दूर करते हैं. भगवान सूर्य के नामों की महिमा के बारे में सूर्याष्टकम में वर्णन किया गया है, इस पाठ को करते हुए सूर्यदेव को प्रणाम किया जाता है. करियर में तरक्की के रास्ते खुलते हैं जीवन की अड़चनें दूर होती हैं.
॥ सूर्याष्टकम् ॥
आदिदेव नमस्तुभ्यंप्रसीद मम भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यंप्रभाकर नमोऽस्तुते॥1॥
सप्ताश्वरथमारूढंप्रचण्डं कश्यपात्मजम्।
श्वेतपद्मधरं देवं तंसूर्यं प्रणमाम्यहम्॥2॥
लोहितं रथमारूढंसर्वलोकपितामहम्।
महापापहरं देवं तंसूर्यं प्रणमाम्यहम्॥3॥
त्रैगुण्यं च महाशूरंब्रह्माविष्णुमहेश्वरम्।
महापापहरं देवं तंसूर्यं प्रणमाम्यहम्॥4॥
बृंहितं तेजःपुञ्जं चवायुमाकाशमेव च।
प्रभुं च सर्वलोकानांतं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥5॥
बन्धूकपुष्पसङ्काशंहारकुण्डलभूषितम्।
एकचक्रधरं देवंतं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥6॥
तं सूर्यं जगत्कर्तारंमहातेजःप्रदीपनम्।
महापापहरं देवंतं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥7॥
तं सूर्यं जगतां नाथंज्ञानविज्ञानमोक्षदम्।
महापापहरं देवंतं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥8॥
॥ इति श्रीशिवप्रोक्तं सूर्याष्टकं सम्पूर्णम् ॥
सूर्याष्टकम का पाठ करने के लाभ...
- सूर्य देव की पूजा में सूर्याष्टकम का पाठ करने के कई लाभ है.
- सूर्यदेव सूर्याष्टक पाठ से शीघ्र प्रसन्न होकर कृपा करते हैं.
- सूर्याष्टक पाठ से करियर की बाधा दूर होती है.
- सूर्य देव को दूध भात मिश्री का भोग लगाएं और सूर्याष्टक पाठ करें. रोजगार की समस्या दूर होगी.
- 7 रविवार तक सूर्य पूजन कर सूर्याष्टक का पाठ करने से शरीर के रोगदोष दूर होते हैं.
- सूर्य अष्टक स्तोत्र का पाठ करने से शीघ्र और कई गुना अधिक शुभ परिणाम प्राप्त होती है.










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