समुद्री हलकों में हलचल मच गई. हालांकि टकराव की स्थिति नहीं बनी...
सिर्फ 33 KM की दूरी पर होर्मुज स्ट्रेट पर आमने-सामने हुए भारत-पाक वॉरशिप !
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर एक बेहद चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला. जानकारी के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत आमने-सामने आ गए. दोनों देशों के जहाज महज 33 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद थे, जिससे समुद्री हलकों में हलचल मच गई. हालांकि टकराव की स्थिति नहीं बनी.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास एक हैरान करने वाली सैन्य गतिविधि देखने को मिली है. जानकारी के अनुसार, इंडिया और पाकिस्तान की नौसेनाओं के जहाज एक-दूसरे के बेहद करीब, लगभग 18 समुद्री मील (33.336 किमी) की दूरी पर ऑपरेट करते नजर आए. यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में युद्धविराम के बावजूद तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है.
ओपन सोर्स की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इस घटना की जानकारी ओपन सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषक डेमियन साइमन ने दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि ओमान के तट के पास दोनों देशों के युद्धपोत बेहद कम दूरी पर सक्रिय हैं. उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दोनों देश अपने-अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हैं.
भारतीय नौसेना की रणनीतिक तैनाती
सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना ने ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फारस की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक अपनी तैनाती मजबूत कर दी है. Indian Navy एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल से लदे जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में सक्रिय भूमिका निभा रही है. एक अधिकारी के अनुसार, युद्धपोत न केवल जहाजों की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित मार्ग दिखाकर किसी भी खतरे से बचाने में मदद भी कर रहे हैं. अनुमान है कि भारत के 10 से अधिक जहाज इस समय होर्मुज क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है.
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को लेकर युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर मतभेद अब भी कायम हैं. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटे, जबकि ईरान इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी चल रही है. ईरान ने संकेत दिया है कि यदि ठोस समझौता होता है, तो वह होर्मुज के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है.
प्रतिबंधों में राहत चाहता है ईरान
वर्षों से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा ईरान इस वार्ता के जरिए बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा है. तेहरान ने प्रस्ताव रखा है कि वह ओमान की ओर से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग देगा, बशर्ते इसके बदले उसे प्रतिबंधों में ढील मिले. यह प्रस्ताव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है.
इस बीच ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति हो रही है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि शांति समझौता होता है, तो वह खुद उसमें शामिल हो सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो मैं वहां जा सकता हूं. यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.
क्षेत्र में अनिश्चितता बरकरार
कुल मिलाकर कहे तो, होर्मुज के पास भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा, सैन्य सतर्कता और कूटनीतिक प्रयास तीनों एक साथ चल रहे हैं.

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