G News 24 : टैरिफ की आड़ में ट्रंप हर दिन कमा रहे थे 50 करोड़ डॉलर,अब ब्याज के साथ लौटाने होंगे $175 अरब !

 अवैध टैरिफ से की गई कमाई को ब्याज सहित 180 दिनों में लौटाना होगा...

टैरिफ की आड़ में ट्रंप हर दिन कमा रहे थे 50 करोड़ डॉलर,अब ब्याज के साथ लौटाने होंगे $175 अरब !

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने एक नया बिल पेश किया है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा वसूले गए 175 अरब डॉलर के अवैध टैरिफ को 180 दिनों में ब्याज समेत लौटाना होगा. इस कदम से छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि रिपब्लिकन खेमे में अभी चुप्पी बनी हुई है.

अमेरिका की राजनीति में एक ऐसा तूफान उठा है जो सीधे सरकार की तिजोरी पर असर डालने वाला है. डेमोक्रेटिक पार्टी के 22 ताकतवर सीनेटरों ने सीनेट में एक ऐसा बिल पेश किया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की जड़ें हिला देगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद अब सवाल केवल वसूली रोकने का नहीं, बल्कि वसूले गए 175 अरब डॉलर को ब्याज समेत लौटाने का है. 

चक शूमर और रॉन वायडन जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में लाए गए इस बिल ने छोटे कारोबारियों के लिए उम्मीद जगा दी है, लेकिन क्या रिपब्लिकन पार्टी  इसे पास होने देगी या फिर अभी और सियासी खेल बाकी है. आज हम इस बिल के बारे में डिटेल से जानेंगे.

ये बिल उन टैरिफ की रकम लौटाने से जुड़ा है, जिन्हें अदालत ने गलत माना है. ये प्रस्ताव संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट में रखा गया है. इस बिल के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा वसूले गए टैरिफ की पूरी राशि 180 दिनों के भीतर वापस करनी होगी.

रकम पर देना होगा ब्याज 

इस रकम पर ब्याज भी देना होगा. यह पैसा उन मामलों में लौटाया जाएगा, जिन टैरिफ को अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. बिल में कहा गया है कि पैसा लौटाने की जिम्मेदारी कस्टम एजेंसी पर होगी. इस एजेंसी का पूरा नाम कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन है. इसी एजेंसी के जरिए बंदरगाहों पर टैरिफ वसूला जाता है.

डेमोक्रेट सीनेटरों के प्रस्ताव में यह भी साफ किया गया है कि सबसे पहले छोटे कारोबारियों को राहत दी जाए. यानी छोटे व्यापार और छोटे उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रंप सरकार के टैरिफ को रद्द कर दिया था. ये टैरिफ इमरजेंसी इकोनामिक लॉ के तहत लगाए गए थे. 

अदालत ने यह नहीं बताया था कि पैसा कैसे लौटाया जाएगा. कोर्ट ने ये मामला लोअर कमर्शियल कोर्ट को भेज दिया था. अब उसी खाली जगह को भरने के लिए यह नया कानून लाया गया है. बिल में कहा गया है कि अगर शुल्क पहले ही अंतिम रूप से वसूला जा चुका है, तब भी पैसा लौटाना जरूरी होगा.

समर्थन देने वालों में बड़े नाम शामिल

इस बिल को समर्थन देने वालों में कई बड़े नाम शामिल हैं. इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर भी शामिल हैं. इसके अलावा ओरेगन से सीनेटर रॉन वायडन शामिल हैं. मैसाचुसेट्स से एडवर्ड मार्की और न्यू हैम्पशायर से जीन शाहीन भी सह प्रायोजक हैं. रॉन वायडन ने कहा कि ये कदम छोटे कारोबार और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की मदद के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले जरूरतमंद लोगों की जेब में पैसा वापस जाना चाहिए.

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से नहीं आया जवाब

इस बीच रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से कोई साफ जवाब नहीं आया है. सीनेट में बहुमत के नेता जॉन थ्यून के कार्यालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि ये बिल अभी शुरुआती चरण में है. इसे पहले समिति के पास भेजा जाएगा. उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी. इसलिए फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस पर कब चर्चा होगी.

सरकार को सोचने का समय देना चाहिए 

उधर निचले सदन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि उनका सदन टैरिफ की रकम लौटाने के मुद्दे से दूर रहेगा. उन्होंने कहा कि इस पर फैसला व्हाइट हाउस करेगा. उन्होंने इसे असाधारण स्थिति बताया है. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार को इस पर सोचने के लिए समय दिया जाना चाहिए. व्हाइट हाउस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

सरकार लोअर कोर्ट के फैसले का करेगी पालन

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि सरकार लोअर कोर्ट के फैसले का पालन करेगी. उन्होंने बताया कि इसमें कई हफ्ते या कई महीने भी लग सकते हैं. ये भी तय किया गया है कि कस्टम एजेंसी मंगलवार से इन खास टैरिफ की वसूली रोक देगी. 

रोजाना करीब 50 करोड़ डॉलर का फायदा

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अदालत के फैसले के बाद करीब 175 अरब डॉलर तक की वसूली पर रिफंड का खतरा बन गया है. ये अनुमान पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों ने लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन टैरिफ से रोजाना करीब 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की आमदनी हो रही थी.

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