G News 24 : बंगाल में खत्म हुई साख,तो आई INDIA अलायंस की याद,दिल्ली पहुंची ममता,क्या मिलेगा भाव !

 खुद को पॉलिटिकली एक्टिव रखने के लिए, बुआ ने भतीजे अभिषेक बनर्जी के कतर दिए हैं पर... 

बंगाल में खत्म हुई साख,तो आई INDIA अलायंस की याद,दिल्ली पहुंची ममता,क्या मिलेगा भाव !

ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच गईं. दिल्ली दौरे से पहले बुआ ने भतीजे अभिषेक बनर्जी के पर कतर दिए हैं. दीदी दिल्ली में क्या करने आई हैं, आइए बताते हैं. दरअसल बंगाल गंवाने के बाद ममता खुद को फिर से मजबूत बनाने में जुटी हैं. इसलिए वो इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने आई हैं, ताकि खुद को पॉलिटिकली एक्टिव रख सकें.

टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच गई है. टीएमसी में कभी नंबर दो रहे अभिषेक बनर्जी पहले से ही दिल्ली में मौजूद है. बंगाल में प्रचंड चुनावी हार के बाद 'दीदी' दिल्ली में क्या करने आई हैं, इस बारे में यह जानकारी सामने आई है कि ममता बनर्जी सोमवार यानी आठ जून को इंडिया अलायंस की होने वाली बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंची हैं. सूत्रों से मिल रही इस जानकारी के मुताबिक बंगाल का किला हाथ से निकलने के बाद पूर्व सीएम दिल्ली में मौजूद वफादार नेताओं की पड़ताल भी करेंगी.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि ममता, सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकती है. हालांकि अभी कांग्रेस सूत्रों से इसकी पुष्टि नहीं हुई है. गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी से विरोध के चलते टीएमसी के एक बहुत बड़ा धड़ा दीदी को 'राम-राम' बोलकर पश्चिम बंगाल की विधानसभा में अपनी अलग पहचान दर्ज करा चुका है. ऐसे में उनके सामने पार्टी को बचाने की चुनौती भी है.

बंगाल में खत्म हुई साख तो सताई दिल्ली और विपक्ष की याद

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के सियासी पतन से इतर 2024 के लोकसभा चुनावों में ही इंडिया गठबंधन 'अपनी-अपनी ढपली' और 'अपना-अपना राग' अलाप रहा था. पिछले आम चुनाव में कांग्रेस और सपा का फैलाया गया नैरेटिव (बीजेपी 400 पास हुई तो आरक्षण खत्म कर देगी) काम कर गया, वरना बीजेपी 2024 में भी अकेले अपने दम पर केंद्र में सरकार बना लेती. इससे इतर पश्चिम बंगाल में टीएमसी की बुरी हालत के बाद ममता बनर्जी और उनके बड़बोले भतीजे अभिषेक बनर्जी का प्रदेश व्यापी विरोध हो रहा है. टीएमसी के जीते हुए 80 फीसदी विधायक अलग गुट बना चुके हैं. पार्टी में इस्तीफों का दौर भी जारी है. जिन अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण का आरोप बीजेपी, दीदी पर लगाती थी, उस मुस्लिम समुदाय का भी ममता से मोहभंग हो चुका है.

आठ जून को अहम बैठक

आपको बताते चलें कि बीजेपी के अगुवाई वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आठ जून को होनी है. उस बैठक नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, चुनाव से जुड़े मुद्दों तथा संसद के मानसून सत्र के लिए साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. कांग्रेस की पहल पर हो रही इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश बताया जा रहा है. बैठक सोमवार, आठ जून को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी. इस बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने शामिल नहीं होने का फैसला किया है.

केजरीवाल से मिलीं ममता 

आम आदमी पार्टी पहले ही इंडिया गठबंधन से दूरी बना चुकी है. हालांकि ताजा जानकारी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ममता बनर्जी से मुलाकात होने की पुष्टि हो गई है. रविवार की शाम अभिषेक बनर्जी के दिल्ली स्थित आवास 181 साउथ एवेन्यू पर अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे हैं, इस बैठक में क्या निकला अभी इसका पता नहीं चल पाया है.

क्या मिलेगा भाव?

सियासी जानकारों का कहना है कि टीएमसी में टूट के बाद ममता समझ चुकी हैं कि उनका दौर खत्म हो चुका है, इसलिए वो येन केन प्रकारेण संसद में पहुंचना चाहती हैं. ऐसी अटकलों के आधार पर खबर उड़ी की ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को इस्तीफा देने के लिए कहा था ताकि वो दिल्ली पहुंच सकें, हालांकि यूसुफ पठान ने इसका खंडन करते हुए इसे बेबुनियाद पॉलिटिकल गॉसिप बताया.

हालांकि ममता बनर्जी के करीबी समर्थकों का कहना है कि दीदी दिल्ली में रहेंगी तो मोदी सरकार को और सख्ती से काउंटर करेंगी. अब दिल्ली आने की वजह बताएं तो इसे उनकी व्यक्तिगत मजबूरी माना जा रहा है. ऐसा इसलिए, क्योंकि एक वक्त था जब ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन को दरकिनार कर दिया था. लेकिन बदले हालात में वो खुद को पॉलिटिकली जिंदा रखने के लिए संजीवनी बूटी की तलाश में हैं, लिहाजा अपनी साख बचाने की मजबूरी में वो फिर से इंडिया गठबंधन का सहारा लेती नजर आ सकती हैं. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष को मजबूत करने के नाम पर बुलाई गई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में उन्हें कितना भाव मिलता है. 

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